मुआयना 17 दिसंबर को 11 बजे से होगा। कोर्ट ने जिलाधिकारी को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने जितेन्द्र सिंह बिसेन की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश को चंद्र शेखर आजाद पार्क में हटाए गए अवैध निर्माण व अतिक्रमण का मौका मुआयना कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। उनके साथ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन व याची अधिवक्ता प्रभास पांडेय भी मौजूद रहेंगे। मुआयना 17 दिसंबर को 11 बजे से होगा। कोर्ट ने जिलाधिकारी को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने जितेन्द्र सिंह बिसेन की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
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अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एके गोयल ने कोर्ट को बताया कि 1975 के बाद अतिक्रमण कर बने सभी अवैध निर्माण हटा दिए गए हैं। पार्क की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जरूरी कुछ निर्माण नहीं हटाए गए हैं। इस पर कोर्ट ने वस्तुस्थिति का जायजा लेकर जिला जज से रिपोर्ट मांगी है।
याचिका में कहा गया कि कुछ स्वतंत्रता सेनानी शहीदों की मजार भी हटा दी गई हैं किंतु किसी शहीद का नाम नहीं बताया। यह भी कहा गया कि पार्क में कुआं है, जिसमें क्रांतिकारी शहीद हुए हैं। उसका संरक्षण किया जाए। अपर महाधिवक्ता ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। याचिका में पार्क से 1975 के बाद हुए निर्माण को हटाने के हाईकोर्ट के पहले दिए गए आदेश पर अमल करने की मांग की गई है। जिस पर कोर्ट ने सरकार को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। जिसके अनुपालन की रिपोर्ट पेश की गई।