हाईकोर्ट ने कौशाम्बी जेल में तैनात वार्डर संजू देवी की बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया है और उनके विरुद्ध लंबित विभागीय जांच पूरी करने की छूट दी है। संजू देवी की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और विभू राय ने पक्ष रखा।
याची को सेवा में अनियमितता बरतने के आरोप में 11 जुलाई 2019 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इस आदेश को याचिका में चुनौती दी गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता का तर्क था कि बर्खास्तगी आदेश 311(2)(बी) के तहत जारी किया गया है। जिसमें प्रारंभिक जांच पूरी किए बिना बर्खास्तगी का प्रावधान है। यह प्रावधान याची पर लागू नहीं होगा।
आदेश देने वाला अधिकारी डीआईजी जेल याची के नियुक्ति प्राधिकारी नहीं हैं, इसलिए उनको बर्खास्तगी आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। नियुक्ति प्राधिकारी वरिष्ठ जेल अधीक्षक होता है। अधिवक्ता ने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम तुलसीराम पटेल में दिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और हाईकोर्ट के कई आदेशों को नजीर के तौर पर पेश किया। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया है तथा विभाग को नियमानुसार कार्यवाही की छूट दी है।