भारतीय रेलवे में नौकरी का सपना देख रहे आरक्षित वर्ग के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांगजन श्रेणी के खाली पड़े हजारों बैकलाग पदों को भरने के लिए विशेष अभियान की तैयारी शुरू कर दी है।
भारतीय रेलवे में नौकरी का सपना देख रहे आरक्षित वर्ग के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांगजन श्रेणी के खाली पड़े हजारों बैकलाग पदों को भरने के लिए विशेष अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे कुल 19884 पदों पर नियुक्तियां करेगा।
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रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) के माध्यम से होने वाली इस भर्ती में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित पदों की संख्या सबसे अधिक है। आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2026 तक रेलवे ने पिछले चक्रों के 18,121 आरक्षित और 482 दिव्यांगजन पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली हैं। इसमें ओबीसी वर्ग के सबसे ज्यादा 10,186 पद भरे गए हैं। ब्यूरो
क्या होती है बैकलाग भर्ती?
रेलवे के नियमों के मुताबिक यदि किसी भर्ती सत्र में आरक्षित श्रेणी के योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पाते हैं तो उन पदों को खत्म नहीं किया जाता। इन्हें बैकलाग के रूप में सुरक्षित रखा जाता है। अगले भर्ती चक्र में प्राथमिकता के आधार पर भरा जाता है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि आगामी महीनों में शेष 19,884 पदों के लिए चयन प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी।