देश में अनेक प्रकार की शिक्षा प्रणाली लागू है। एक ही परिवार के बच्चे विभिन्न संस्थानों से अलग-अलग तरह की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इससे समाज राष्ट्रीय मूल्यों एवं भारतीय संस्कारों से दूर होता जा रहा है। आधुनिकता के इस दौर में भारतीय संस्कार युक्त शिक्षा को वैज्ञानिकता से जोड़कर शिक्षा देने का काम केवल विद्या भारती के विद्यालय कर रहे हैं। यह बात रज्जू भैया शिक्षा प्रसाद समिति के अध्यक्ष डॉ. रघुराज प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को ज्वाला देवी इंटर कॉलेज में आयोजित प्रधानाचार्य पुनश्चर्या कार्यक्रम के समापन पर कही।
विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सात दिवसीय प्रधानाचार्य पुनश्चर्या कार्यक्रम के समापन पर डॉ. रघुराज ने राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन पर व्याख्यान दिया। ज्वाला देवी इंटर कॉलेज, गंगापुरी के प्रधानाचार्य विक्रम बहादुर सिंह परिहार ने कहा कि बदलते परिवेश में शिक्षा का तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ है। शहीद नरेश इंटर कॉलेज, खमरिया भदोही के प्रधानाचार्य अवधेश कुमार मिश्र ने कहा कि इस पुनश्चर्या कार्यक्रम में तैयार की गई शिक्षण नीति अतिरिक्त ऊर्जा की तरह कार्य करेगी। रज्जू भैया शिक्षा प्रसाद समिति के मंत्री अव्यक्त राम ने कहा तिक प्रधानाचार्य के मन का गतिशील होना आवश्यक है। भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक बांके बिहारी पांडेय ने कहा कि हम सब एक ही पथ के पथिक हैं, इसलिए हमारी सोच का स्तर बढ़ना चाहिए।
क्षेत्रीय शिशु वाटिका के प्रमुख विजय उपाध्याय ने कार्यक्रम में आए प्रधानाचार्यों का आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एलडीसी इंस्टीट्यूट टेक्निकल ऑफ टेक्निकल स्टडीज, सोरांव के चेयरमैन संजय कुमार गुप्ता समेत ज्वाला देवी इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस के प्रधानाचार्य युगल किशोर मिश्र, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष कंचन सिंह, सुरेश श्रीवास्तव, राजेश्वर सिंह, प्रदीप त्रिपाठी, सुमंत पांडेय, दयाराम यादव, गोपाल जी तिवारी, सूर्यकांत पांडेय, दीपक यादव, अरिमर्दन सिंह, संदीप गुप्ता, सरोज दुबे, विजय मौर्य, अजित सिंह, अशोक, श्रद्धानंद तिवारी, सुनील ओझा, प्रमोद शर्मा, रामानंद वैश्य, पुष्पेंद्र सिंह, अनुप मिश्र आदि मौजूद रहे।