घूरपुर के सेमरा कलबना गांव में पोल्ट्री फार्म की गंदगी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। डायरिया पीड़ित एक पांच वर्ष की नैंसी पुत्री नागेश विश्वकर्मा की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। पिछले तीन दिनों से उल्टी, दस्त से पीड़ित करीब 24 लोगों की हालत गंभीर बनी है। कु छ को पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीएचसी जसरा के अधीक्षक को खबर देने के बाद भी डॉक्टरों की टीम गांव नहीं पहुंची। सेमरा कलबना गांव में एक ही परिवार के गणेश (35), शांति (25), आरुषि (8), ऋतिका (7), सनी (13) की हालत गंभीर है। उल्टी, दस्त से पीड़ित इन लोगों को पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो लोगों को तो घर भेज दिया गया लेकिन तीन अभी हॉस्पिटल में ही हैं। गांव के सनी, दिनेश, राकेश, पिंकी समेत गांव की दलित बस्ती में रहने वाले छोटे-बड़े 24 लोग डायरिया से पीड़ित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी का कारण गांव में चल रहे दो पोल्ट्री फार्म हैं। यहां गंदगी और बदबू से लोगों का जीना मुहाल है। इस बारे में जिलाधिकारी और स्थानीय थाने में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। बृहस्पतिवार को बच्ची की मौत के बाद दो सिपाही गांव पहुंचे लेकिन पूछताछ कर लौट गए। इस बारे में जसरा सीएचसी और घूरपुर स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी और डॉक्टरों को डायरिया फैलने की खबर दी गई लेकिन कोई हाल तक पूछने नहीं आया। इस संबंध में सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा का कहना है कि गांव में टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सीएचसी अधीक्षक को पीड़ितों के इलाज का बंदोबस्त कराने को कहा है।