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गंगा मां से श्रद्धालु कर रहें पुकार, कोई मांग रहा पैसा तो कोई शादी की कर रहा दुआ

Mon, 21 Jan 2019 04:22 PM IST
shubham नागेंद्र पाल, अमर उजाला, प्रयागराज
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गंगा मैया हमार नाती का बियाह कराय द, बियाह नाहीं होत बा। काहे कि हम गरीब हई। हमार मांगन पूरा होई, त हर बरिस गंगा नहाए आउब। संगम तट पर डुबकी लगाने के बाद यह अरज एमपी के रीवां से आईं आशारानी ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का पावन त्रिवेणी के समक्ष किया। आशारानी की संगम पर यह आराधना तो एक बानगी भर है।

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ऐसे लाखों श्रद्धालुओं ने रविवार को तीर्थराज के आगे अपनी कामनाओं को व्यक्त किया। महिलाएं समूह गान करती रहीं। कहीं दीप जले तो कहीं आरती होती रही। पौष पूर्णिमा स्नान की पूर्व संध्या पर संगम तट पर आस्था की लहरें इसी तरह उठती रहीं।

पोैष पूर्णिमा के एक दिन पहले संगम नोज पर अद्भुत नजारा रहा। गंगा मैया से मनोवांछित फल पाने के लिए भोर से ही पुण्य की डुबकी लगाने के लिए संगम नोज भारी भीड़ जुटने लगी।  हर तरफ भजन -कीर्तन, भक्तिभाव के आनंद का सागर उमड़ता रहा। श्रद्धालु आनंदित होकर सिर पर गठरी लिए संगम पर डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे थे। स्नान-ध्यान की आतुरता हर चेहरे पर साफ दिख रही थी।

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पावों में थकावट तो दूर तक नहीं थी। पूरे जोश और उमंग के साथ घाट पहुंचे। जयकारे के साथ पूरा संगम नोज गुंजायमान हो रहा था। श्रद्धालुजन बड़े आस्था भाव के साथ अक्षत, पुष्प अर्पण कर वंदन पूजन करने में लीन रहे। संगम तट पर अपने परिवार के साथ भक्तों ने मनोकामना की पूर्ति के लिए आशीष मांगा।

गरीबों को दान करने की भी होड़ मची रही। कोई संतों के शिविरों में दान कर पुण्य कमा रहा था तो कोई गरीबों को अन्न वस्त्र देकर अपने पूर्व जन्म के लिए पुण्य बटोर रहा था। लाखों की तादाद में श्रद्धालु पौष पूर्णिमा स्नान के लिए संगम तट पर डेरा डाल दिए हैं। 
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