पत्नी व दो बच्चों की हत्या के बाद खुद को गोली से उड़ाने वाले सीआरपीएफ जवान विनोद कुमार यादव के सिर पर शनिवार सुबह खून सवार था। शायद यही वजह थी कि अपनों को गोलियों से भूनने में भी उसे कोई हिचक नहीं हुई। पोस्टमार्टम में पता चला है कि उसने एक के बाद एक कुल 14 गोलियां दागी थीं।
शनिवार दोपहर 12.30 बजे के करीब थरवई पुलिस चारों शव कब्जे में लेकर मर्चरी पहुंची। पंचायतनामे की कार्रवाई पूरी होने के बाद दोपहर में पोस्टमार्टम शुरू हुआ। वीडियोग्राफी के बीच दो डॉक्टरों के पैनल ने चारों शवों का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पता चला कि वारदात के दौरान घटनास्थल पर कम से कम 14 गोलियां तो दागी ही गईं। दरअसल सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के दौरान चारों के शरीर में कुल 14 गोलियों के निशान मिले।
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सबसे ज्यादा छह गोलियां बेटे संदीप को मारी गई थीं। उसके गर्दन, सीने और हाथ में गोलियां लगी थीं। पत्नी विमला पर चार फायर झोंके गए थे जिसमें उसके सिर गर्दन व सीने में गोलियां लगीं। बेटी सिमरन को दो गोलियां मारी गई थीं जिसमें एक माथे जबकि दूसरी सीने में लगी थी। खास बात यह कि खुदकुशी से पहले विनोद ने भी खुद को दो गोलियां मारीं। पहली गोली उसकी जांच में लगी जबकि दूसरी गोली उसने कनपटी पर मारी थी।
शरीर पर अन्य किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम में फांसी लगाने की बात भी सामने आई है। उधर जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मौके से 12 खोखे बरामद हुए थे। साथ ही दो कारतूस भी मिले।
एक में पत्नी-बच्चों, दूसरे कमरे में मिली जवान की लाश
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को पत्नी व दोनों बच्चों की लाश एक कमरे में जबकि जवान की लाश दूसरे कमरे में मिली। पत्नी विमला की लाश जमीन पर पड़ी हुई थी जबकि बगल में ही बेटा संदीप भी मृत पड़ा था। इसी कमरे में बिछी फोल्डिंग पलंग पर बेटी सिमरन का शव पड़ा था। जबकि इसी से सटे दूसरे कमरे में जवान विनोद का खून से लथपथ शव फंदे पर लटका मिला। फंदा पंखे से फंसाया गया था।