नवरात्र की पंचमी पर देवी मंदिरों में मां स्कंदमाता की आराधना के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देवी के जयकारों, घंटा-घड़ियाल की ध्वनि और भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठे।
पंडित हेमंत शुक्ला के अनुसार मां स्कंदमाता की उपासना से संतान सुख, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक शांति का आशीर्वाद मिलता है। शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में मां ने सिंह पर विराजमान चतुर्भुजी स्कंदमाता स्वरूप में दर्शन दिए। सुबह मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का क्रम देर रात तक चलता रहा।
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी मां के दरबार में मत्था टेका और आरती की। मंदिर में शतचंडी यज्ञ, हवन और बच्चों के मुंडन व कर्णभेदन संस्कार हुए। वहीं, मीरापुर स्थित मां ललिता देवी मंदिर में बेला, गेंदा और गुलाब के फूलों से मां का दिव्य शृंगार किया गया।
मुख्य पुजारी शिव मूरत मिश्रा ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। भजनों के बीच श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। कटरा कालीथान, जीरो रोड स्थित वैष्णो देवी मंदिर, चौक की खेमा माई और अलोपी देवी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही।
आज मां कात्यायनी की आराधना
शुक्रवार को नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा होगी। स्वामी प्रभाकर जी महाराज के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना से भक्तों को नकारात्मकता पर विजय पाने और जीवन में धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।