सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने भले ही भाजपा छोड़ सपा का दामन थाम लिया हो, लेकिन भाजपा के प्रति उनका रुख अब भी नरम है। सपा से बांदा का टिकट पाने के बाद श्यामाचरण ने कहा, ‘मुझे तो भाजपा की जरूरत थी, लेकिन पार्टी को मेरी नहीं थी’। भाजपा के किसी भी नेता पर वह व्यक्तिगत टिप्प्णी करने से भी बचते नजर आए। हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि पहले भाजपा अच्छी पार्टी थी, लेकिन अब उसमें भी भ्रष्टाचार बढ़ा है।
पिछले विधानसभा चुनाव में बेटे विदुप अग्रहरि को टिकट न मिलने के बाद से ही श्यामाचरण की भाजपा नेताओं से नाराजगी बढ़ गई थी। इस बीच उन्होंने तमाम मौकों पर पार्टी विरोधी बयान भी दिए। यह कयास भी लगाए जाने लगे कि श्यामाचरण को भाजपा अब इलाहाबाद संसदीय सीट से टिकट न दे। शायद इसी वजह से पिछले दिनों उनके पुत्र विदुप अग्रहरि ने एलान किया था कि अगर उनके पिता को भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो वह पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। शनिवार को लखनऊ में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बांदा का टिकट पाने के बाद सांसद श्यामाचरण गुप्ता शाम को प्रयागराज पहुंचे। अपने आवास में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने पुराने रिश्ते निभाएं हैं। साइकिल पर मेरी आत्मीयता शुरू से ही रही है। यह बात सही है कि बेटे विदुप को विधानसभा चुनाव का टिकट न मिलने से मुझे भी कष्ट हुआ था।
पूछा गया कि उन्हें भाजपा के किस नेता की वजह से इलाहाबाद से दोबारा टिकट नहीं मिला। इस पर श्यामाचरण ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। कहा, ‘पिछले कुछ माह से चर्चा चल रही थी कि मुझे टिकट नहीं मिल रहा है। मैंने खुद इसकी तफ्तीश भी की। अब मैं सपाई हूं और मैने खुद ही भाजपा छोड़ी है। सपा और बसपा का गठबंधन मजबूत है’। श्यामाचरण ने भाजपा पर तंज भी कसा। कहा, ‘जिस तरह से मां गंगा को नाले और नालियों ने गंदा कर दिया है, उसी तरह से भाजपा को भी कुछ लोगों ने गंदा किया है’। गंदा करने वालों का नाम पूछने पर श्यामाचरण चुप हो गए।