विद्यालयों में 30 हजार से अधिक पद खाली
अशासकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के तकरीबन 30 हजार पद खाली है। इससे पहले वर्ष 2022 में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के 4163 पदों का विज्ञापन जारी किया गया था लेकिन दोनों ही भर्तियां चार बार स्थगित की जा चुकी हैं और अब तक इन भर्तियों की लिखित परीक्षा नहीं हुई।
नई भर्ती के लिए निदेशालय न तो रिक्त पदों का विवरण इकट्ठा कर सका है और न ही आयोग व एनआईसी के स्तर से अब तक ई-अधियाचन का प्रारूप तैयार किया जा सका है। पुरानी भर्ती लंबित होने और नई भर्ती प्रक्रिया शुरू न होने के कारण अशासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या काफी कम हो गई है जबकि राजकीय विद्यालयों को अगले साल तक नए सहायक अध्यापक व प्रवक्ता मिल जाएंगे।
समकक्ष अर्हता को लेकर विवाद के कारण राजकीय व अशासकीय विद्यालयों में अक्सर भर्तियां फंस जाया करती थीं। ऐसे में शासन ने नियमावली से समकक्ष शब्द हटाते हुए दोनों प्रकार के विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए एक समान नियमावली लागू कर दी ताकि भर्ती को लेकर किसी तरह का विवाद न रहे लेकिन यह समस्या दूर होने के बाद दूसरे कारणों से एडेड विद्यालयों में भर्तियां फंस गईं हैं। इससे लाखों अभ्यर्थी परेशान हैं।