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Prayagraj : बिजली कनेक्शन तक नहीं और बना दिया नीट का परीक्षा केंद्र, अब इविवि के सीनेट परिसर में होगी परीक्षा

Sat, 20 Jun 2026 03:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 2026 के आयोजन से ठीक दो दिन पहले प्रयागराज में परीक्षा केंद्र निर्धारण की बड़ी चूक सामने आई है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 2026 के आयोजन से ठीक दो दिन पहले प्रयागराज में परीक्षा केंद्र निर्धारण की बड़ी चूक सामने आई है। जिस भवन को नीट यूजी का परीक्षा केंद्र बनाया गया था वहां न तो बिजली की समुचित व्यवस्था थी और न ही निर्माण कार्य पूरा हुआ था। हालात ऐसे थे कि परीक्षा आयोजित कराना संभव नहीं था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को परीक्षा से महज दो दिन पहले केंद्र बदलना पड़ा। प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए नए प्रवेश पत्र जारी करने पड़े। अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर स्थित हरिवंश राय बच्चन सांस्कृतिक केंद्र में निर्धारित परीक्षा नहीं होगी।

यहां आवंटित अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के सीनेट हाउस परिसर स्थित मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में परीक्षा देनी होगी। इसके लिए प्रवेश पत्र दोबारा जारी किए गए हैं। नीट-यूजी की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है। नीट परीक्षा के लिए केंद्रों का चयन कई स्तरों पर निरीक्षण और सत्यापन के बाद किया जाता है। इसके बावजूद निर्माणाधीन भवन को परीक्षा केंद्र बनाए जाने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। एनटीए के साथ स्थानीय प्रशासन और प्रयागराज में परीक्षा के लिए नोडल नियुक्त किए अधिकारी की भी इस पर नजर नहीं पड़ी।
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जिस परिसर को हरिवंश राय बच्चन सांस्कृतिक केंद्र के नाम से जाना जाता है, वहां पहले विज्ञान परिषद का संचालन किया जा रहा था। कुछ समय पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अकादमिक गतिविधियों के लिए विज्ञान परिषद से अपना भवन वापस ले लिया और वहां निर्माण और साज-सज्जा का कार्य चल रहा है।

 

जिला स्तरीय समिति के सिफारिश पर बदला केंद्र

एनटीए की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार भवन में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कंप्यूटर, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा निगरानी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति जरूरी होती है। निर्माण कार्य जारी होने के कारण परीक्षार्थियों के बैठने, आवाजाही और सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं थीं। इन परिस्थितियों में जिला स्तरीय समिति ने केंद्र बदलने की संस्तुति की जिसे एनटीए ने स्वीकार कर लिया।

केंद्र बदलने से बढ़ी अभ्यर्थियाें की दिक्कत

अचानक किए गए केंद्र परिवर्तन का सीधा असर अभ्यर्थियों पर पड़ा है। परीक्षा से केवल दो दिन पहले नई सूचना मिलने के कारण कई छात्रों को अपनी यात्रा और ठहरने की योजनाएं बदलनी पड़ीं। दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों को नए केंद्र का पता लगाने और वहां तक पहुंचने की व्यवस्था दोबारा करनी पड़ी। कई अभ्यर्थी पहले ही पुराने केंद्र का निरीक्षण कर चुके थे और उसी के अनुसार तैयारी कर रहे थे।

 

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पुराना प्रवेश पत्र है तो भी दिक्कत नहीं

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों के पास पुराने केंद्र वाला प्रवेश पत्र है उन्हें भी सत्यापन के बाद नए केंद्र पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही संशोधित प्रवेश पत्र वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नवीनतम जानकारी के लिए नियमित रूप से वेबसाइट देखते रहें।

पिछली परीक्षा हरिवंश राय बच्चन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित की गई थी। पुनर्परीक्षा के लिए एनटीए से मिली केंद्रों की लिस्ट में यह सेंटर शामिल था। बाद में सूचना आई कि मौके पर निर्माण कार्य चल रहा है। स्टैटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। सूचना की पुष्टि होने पर एनटीए को परीक्षा केंद्र बदलने का प्रस्ताव भेजा गया। एनटीए ने प्रस्ताव मंजूर करते हुए केंद्र बदल दिया है। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी

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