रेस्टोरेंटों की आड़ में शहर में चल रहे हुक्का बार के खिलाफ अमर उजाला की ओर से चलाए गए अभियान का असर दिखने लगा है। गुरुवार को पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) टीम ने छापा मारकर पीवीआर के सामने डीसफायर रेस्टोरेंट में हुक्का और उसके अलग-अलग फ्लेवर की पांच पैकिट जब्त कर लिए। छापे की खबर के बाद आसपास के रेस्टोरेंटों में भी खलबली मच गई और वहां से हुक्के गायब हो गए।
एफएसडीए के अभिहित अधिकारी एसपी सिंह ने इस रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। एक सप्ताह के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो लाइसेंस निरस्त कर मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। पिछले सप्ताह पुलिस की छापामारी के दौरान शहर के सात रेस्टोरेंट से हुक्का और फ्लेवर बरामद हुआ था। इन सभी के लाइसेंस निरस्त करने के लिए सीओ ने डीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है। जिसके आधार पर एसएफडीए की ओर से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, हुक्का बार के खिलाफ शहर में भी आंदोलन तेज हो गया है। जनहित संघर्ष समिति के बैनर तले प्रमिल केशरवानी, सतीश केसरवानी सहित कई दर्जन लोगों ने प्रदर्शन कर एसएसपी को ज्ञापन सौंपा। इनकी मांग है कि रेस्टोरेंटों में चल रहे हुक्का बार बंद किए जाएं। मुट्ठीगंज, दारागंज सहित कई इलाकों में गांजा, चरस और स्मैक के हो रहे कारोबार पर भी रोक लगाई जाए। इस नशे से .युवा पीढ़ी बरबाद हो रही है।
मुख्तारखाना कचहरी और युवा अधिवक्ता संघ ने हुक्का बार बंद कराने की मांग को लेकर एसएसपी को ज्ञापन सौंपा। इनकी मांग है कि इन हुक्का बार की वजह से युवा पीढ़ी का भविष्य चौपट हो रहा है। ज्ञापन देने वालों में काशान सिद्दीकी, जफर अंसारी, अबरार अहमद आदि थे।