इस बाबत आरोपी सोनू के वकील ने प्रार्थना पत्र के माध्यम कोर्ट को अवगत कराया था कि आरोपी को कोर्ट के गैर जमानती वारंट की जानकारी स्थानीय पुलिस ने देर से दी, जिसके कारण आरोपी कोर्ट में हाजिर नही हो सका। इस पर न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमसेरी ने गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त और संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी को तलब कर लिया था।
कोर्ट को पुलिस उपायुक्त शाद मियां खान ने बताया की कोर्ट के आदेश की तामील कराने में लापरवाही करने वाले दरोगा को निलंबित कर दिया गया है, उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। बहस के दौरान सरकारी वकील और आरोपी के अधिवक्ता संतोष दुबे ने बताया की जिस एफआईआर के आधार पर जमानत निरस्त करने की प्रार्थना की जा रही है, उसमे विवेचना के बाद पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। यह जानने के बाद कोर्ट ने जमानत निरस्तीकरण याचिका को खारिज कर दिया।