डिप्टी सीएमओ डॉ.एसके सिंह की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर जुटे परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
रोशनदान से झांका तो शव फंदे से लटकता दिखा
पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर होटल में गया तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। कई बार पुकारने के बाद भी जवाब नहीं मिला तो होटल कर्मचारियों को बताया। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो कर्मचारियों ने दरवाजे के ऊपर लगे रोशनदान से भीतर झांका। इस दौरान डिप्टी सीएमओ फंदे पर लटके दिखाई दिए। सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई। फिर उन्हें फंदेे से उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। जानकारी पर शहर में ही रहने वाले कुछ रिश्तेदार भी आ गए। इसके बाद घरवालों को सूचना देकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
डिप्टी सीएमओ डॉ.एसके सिंह की मौत के बाद जांच के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारी। ।
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पुलिस बोली- दरवाजा तोड़कर फंदे से उतारा
पुलिस का दावा है कि रिश्तेदारों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा गया। कमरे में भीतर जाने का अन्य कोई रास्ता नहीं है। शरीर पर कोई चोट के भी निशान नहीं हैं। इसी आधार पर आशंका है कि उन्होंने खुदकुशी की। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की बात सामने आई है। दम घुटने की वजह फांसी लगाने के साथ ही गला दबाया जाना भी हो सकता है। ऐसे में विसरा भी प्रिजर्व कर लिया गया है।
नहीं मिला सुसाइड नोट, घरवालों ने नहीं की बात
शव को मर्चरी भेजवाने के बाद पुलिस ने होटल के कमरे की तलाशी ली। वहां डिप्टी सीएमओ के दो मोबाइल फोन मिले। कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ। उधर, इस बारे में घरवाले भी चुप्पी साधे रहे। घटना की जानकारी पर पुलिस के आला अफसरों के साथ ही डीएम संजय खत्री व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शाम पांच बजे के करीब घरवाले शव लेकर वाराणसी के लिए रवाना हो गए। होटल का कमरा फिलहाल सील कर दिया गया है। परिस्थिति खुदकुशी की ओर इशारा कर रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। इसे देखने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
चादर से बनाया गया था फंदा
डिप्टी सीएमओ का शव जिस फंदे से लटकता मिला, वह होटल की चादर से बनाया गया था। फंदा पंखे में फंसाया गया था। पलंग पर स्टूल रखा हुआ था लेकिन गद्दा हटाया गया था। डिप्टी सीएमओ ने बनियान व हाफ पैंट पहन रखा था।
मंगाने के बावजूद नहीं खाया खाना
कमरे की जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को वहां खाना भी रखा मिला। होटल कर्मचारियों ने बताया कि डिप्टी सीएमओ ने रात में खाना अपने कमरे में ही मंगाया था। आमतौर पर वह नीचे स्थित रेस्त्रां में आकर खाना खाते थे लेकिन रविवार को ऐसा नहीं किया। उधर ड्राइवर सतीश ने बताया कि वह डिप्टी सीएमओ को लेकर दोपहर में 3:30 बजे के करीब होटल पहुंचा था। इसके बाद वह कहीं नहीं गए। इस दौरान वह नीचे ही गाड़ी में मौजूद रहा।