लॉज और हॉस्टल में ज्यादा खतरा
मलेरिया विभाग के अनुसार, डेंगू के 70 फीसदी लार्वा कूलर की टंकी, फ्रिज, कंटेनर और गमले में मिल रहे हैं। छात्र अपने यहां कूलरों से पानी निकालना भूल जाते हैं। इसकी वजह से लार्वा पनपने लगते हैं। सलोरी व गोविंदपुर में अधिकांश मामले लॉज व हॉस्टल में सामने आए हैं। इनमें सलोरी में सात व गोविंदपुर में चार मरीज पाए गए हैं।
यहां भी खतरा
शंकरघाट, शिलाखाना, बद्री आवास, स्वराज नगर, तेलियरगंज, ओम नगर, ऊंचवागढ़ी, गंगा नगर, नेवादा राजापुर, कच्ची सड़क, बक्शी बांध, वेणी माधव मंदिर, बख्शी कलां, दशाश्वमेध घाट, बक्शी खुर्द दारागंज, हाईकोर्ट पानी टंकी, बटालियन सीआरपीएफ, कैशल्स रोड, चांदपुर सलोरी, सेक्टर डीए केशव मार्ग, शांतिपुरम, बाघम्बरी रोड, नेता चौराहा, रामानंद नगर, बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम, एमआईसी पानी टंकी, लेबर चौराहा, सर्वोदय नगर अल्लापुर सहित कई अन्य इलाकों को संवेदनशील इलाकों की श्रेणी में रखा गया है।
अगर किसी इलाके में लगातार डेंगू के मामले मिलते हैं, तो वहां आउटब्रेक का खतरा बढ़ जाता है। सलोरी व गोविंदपुर में 10 दिन में 11 नए मामले सामने आए हैं। सलोरी और गोविंदपुर में सात दिनों का विशेष अभियान चलेगा। अन्य संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है। - आनंद सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी