चार दिन से गर्भ में था मृतक बच्चा
महिला की जांच होने पर पता चला की छावनी अस्पताल पहुंचने से 24 घंटे पहले ही बच्चे की गर्भ में मौत हो चुकी थी। ब्लड कम होने और डेंगू संक्रमित होने के कारण सर्जरी करना मुमकिन नहीं था।
हम तो उम्मीद छोड़ चुके थे। लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों ने हिम्मत नहीं हारी। बच्चे को खोने का गम जरूर है। मगर इस बात का संतोष है कि मां की जान बच गई। रंजू देवी, गर्भवती महिला की मां
महिला की स्थिति सामान्य है, अब उसका हीमोग्लोबिन आठ यूनिट है और प्लेटलेट्स भी बेहतर हो रहा है। बेली अस्पताल ने महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिसके लिए डॉ. उत्तम सिंह व अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ की टीम बधाई की पात्र हैं। -डॉ. सिद्वार्थ पांडेय, प्रोजेक्ट हेड, छावनी अस्पताल