सीएमओ सभागार में जागरूकता कार्यशाला
प्लेटलेट्स में कमी का कारण सिर्फ डेंगू नहीं
प्रयागराज। बुखार पीड़ितों को डेंगू से पीड़ित होने का डर नहीं होना चाहिए। बुखार आने का मतलब यह नहीं है कि डेंगू संक्रमण हो गया है। प्लेटलेट्स घटने का कारण डेंगू ही नहीं अन्य बीमारियां भी होती हैं। लोग जागरूक होकर कहीं पानी न जमा होने दें, बच्चों को फुल बांह के कपड़े पहनाएं और शरीर के खुले अंगों पर गरी का तेल लगाएं। साथ ही मच्छरों से बचाव का उपाय भी करें।
यह बातें मंगलवार को सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी और एमएलएन मेडिकल कॉलेज की पैथालॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. वत्सला मिश्रा ने कहीं। विशेषज्ञ डेंगू के प्रति जागरूकता और शंकाओं के समाधान के लिए आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। बताया गया कि डेंगू की जांच कार्ड टेस्ट से संभव नहीं है। जब तक पीड़ित के शरीर पर चकत्ते न पड़ें और ब्लीडिंग न हो, डेंगू कहना उचित न होगा। फिर इसकी जांच मेडिकल कॉलेज में ही कराएं, तभी डेंगू की पुष्टि की जा सकेगी।
इस मौके पर नर्सिंग होम एसोसिएशन, एएमए, मलेरिया विभाग, विशेषज्ञों को बताया गया कि डेंगू की पुष्टि होने पर मरीज के साथ उसके आसपास के 50 घरों को विसंक्रमित किया जाता है। एसपीएम विभाग के डॉ. खुर्शीद, माइक्रोबायोलॉजी के अमरेंद्र कुमार के साथ डीएमओ डॉ. पीके द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
60 रक्त नमूनों की जांच, 16 मरीज मिले डेंगू पाजिटिव
प्रयागराज। मच्छरों की भरमार से डेंगू का कहर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 60 रक्त नमूनों की जांच की गई। इनमें 16 मरीज डेंगू पाजिटिव पाए गए। अब तक डेंगू पीड़ित की संख्या 234 हो गई है। जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. एएन मिश्रा के मुताबिक सभी मरीजों के घर पर सत्यापन को टीम भेजी गई। दवा दिलाने के साथ आसपास के क्षेत्र में एंटी लार्वा छिड़काव कराया गया। पीड़ित के घर के अगलबगल के घरों में भी डेंगू से बचाव की जानकारी देकर छिड़काव कराया गया। उन्होेंने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार डेंगू के मरीज काफी कम हैं। स्थितियों पर नजर रखी जा रही है। पांच टीमों को सक्रिय किया गया है।