शेयर, डिबेंचर के साथ अगर आप के पास एनएससी और सोना भी है तो उसे डीमेट अकाउंट में रखने का विकल्प मौजूद है। ऐसा करने से कागज के रूप में मिलने वाले एनएससी के खोने, चोरी होने का भय नहीं रहेगा। साथ ही डीमेट अकाउंट में सोना भी पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। सरकार की एजेंसी नेशनल सिक्योरिटी डिपोजेटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ने डीमेट अकाउंट के लिए शेयर मार्केट से जुड़ी एजेंसियों और ब्रोकरों को अधिकृत किया है। इसके साथ इलाहाबाद बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत कई अन्य बैंकों में भी डीमेट अकाउंट खोलने की सुविधा है।
आज भी बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें डीमेट अकाउंट के बारे में जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों की संख्या भी काफी है जो डाकघरों से एनएससी लेते हैं। सर्टिफिकेट के फार्मेट में एनएससी घरों में रखने पर अक्सर खोने, चोरी होने का डर रहता है। इसमें धोखाधड़ी की भी संभावना रहती है लेकिन इसे डीमेट अकाउंट में रखने का विकल्प खुलने के बाद किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं होती। इसमें सिर्फ यह करना है कि डाकखाने में एनएससी लेते वक्त, निवेश करने वाली रकम अदाकर डीमेट अकाउंट उपलब्ध कराना है। इसके बाद एनएससी की तय रकम डीमेट अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगी।
इसके साथ अब सोना भी डीमेट अकाउंट में रखने का विकल्प मौजूद है। किसी के पास अगर एक किलोग्राम सोना है तो बैंक में वर्तमान मूल्य के आधार पर उसे जमा करा सकता है। इसके बाद इलेक्ट्रानिक पासबुक में सोने की वैल्यू और कीमत दर्ज कर दी जाएगी। डीमेट अकाउंट के जानकार जगदीश तिवारी एवं निधि पी सिंह का कहना है कि शेयर, डिबेंचर के लिए यह सुविधा पहले से है। एनएससी और सोना भी डीमेट में रखने का विकल्प सामने आने से यह और सुरक्षित हो गया है। एनएससी, सोना घर में रखने के बजाए डीमेट अकाउंट में रखना ज्यादा फायदेमंद है।