शासन एवं यूपी बोर्ड की ओर से कक्ष निरीक्षकों की परीक्षा ड्यूटी लगाते समय जिला विद्यालय निरीक्षक शासनादेश नहीं मान रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक शिक्षकों से सीधे आवेदन लेकर उनके मनचाहे विद्यालयों में परीक्षा ड्यूटी लगा रहे हैं। जिले में मनमाने तरीके से शिक्षकों की मांग पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से उनके नाम के आधार पर परीक्षा ड्यूटी लगाई जा रही है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के बारे में शासन से आदेश जारी किया गया था कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से विद्यालयों को यह निर्देश दिया जाएगा कि तय संख्या के शिक्षकों को इस परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के लिए कक्ष निरीक्षक के रूप में भेजेंगे। प्रधानाचार्यों की ओर से विद्यालयों के लिए भेजे जाने के बाद कुछ शिक्षकों ने अपनी पहुंच के बल पर जिला विद्यालय निरीक्षक अथवा उनके कार्यालय के बाबुओं को साधकर अपनी पसंद के विद्यालयों में परीक्षा ड्यूटी लगवा रहे हैं। प्रधानाचार्यों को इस बात की शिकायत है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की दखल के बाद शिक्षक उनकी नहीं सुन रहे हैं। प्रधानाचार्यों का कहना है कि जब नाम तय करने का अधिकार जिला विद्यालय निरीक्षक को नहीं है तो वह परीक्षा ड्यूटी कैसे लगा रहे हैं।