बीएचयू में एक कार्यक्रम में आए फ्रैंक इस्लाम
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पीठ की ओर से मंगलवार को दो विषयों ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जीवन एवं मिशन’ और ‘गीता: रहत्य एकात्म मानव दर्श का प्रेरणास्नोत’ पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. अशोक गजानन ने कहा कि दीन दयाल उपाध्याय मध्यवर्ग से संबंधित होते हुए भी विसंगतियों से मुक्त रहे। वह राजीतित में नैतिक मूल्यों एवं आचरण की शुचिता के समर्थन थे। तिलक का ‘गीता रहस्य’ दीन दयाल क एकात्म मानव दर्शन का प्रेरणास्नोत है। अध्यक्षता करते हुए राज्य विवि के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि संस्कृति हही राष्ट्र की आत्मा है और संस्कार से ही शिक्षा, राजनीति आदि विविध क्षेत्रों में अग्रसर हुआ जा सकता है। विशिष्ट अतिथि यूपीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. केपी पांडेय ने पंडित दीन दयाल के एकात्म मानव दर्शन, एवं अंत्योदय पर प्रकाश डाला। गोष्ठी का संचालन प्रो. राम किशोर शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनीता यादव ने किया।