पीड़िता के पति के अधिवक्ता संदीप शुक्ल ने कहा कि पीड़िता ने मुकदमे में बाद में स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के पक्ष में जवाबी हलफनामा दाखिल किया। पीड़िता ने मुकदमे में अपने पति के खिलाफ भी कई आरोप लगाए थे।
एडवोकेट शुक्ल ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका जिसमें सांसदों व विधायकों के खिलाफ लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण की मांग की गई है। उसमें बिंदु उठाया गया कि विभिन्न सरकारें राजनीतिक फायदे के लिए तमाम विधायकों एवं सांसदों के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों को सीआरपीसी की धारा 321 की शक्तियों का उपयोग करते हुए वापस ले रही हैं।