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संतों का फैसला : जेल में बंद बिनैका बाबा की खाक चौक व्यवस्था समिति से छिनी सदस्यता

Sat, 12 Feb 2022 12:54 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माघ मेले में शुक्रवार को खाक चौक व्यवस्था समिति की कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। निष्क्रियता के कारण महामंडलेश्वर मदन मोहन दास को समिति के संरक्षक पद से मुक्त कर दिया गया।
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खाक चौक की बैठक में मौजूद संत। - फोटो : प्रयागराज।
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विस्तार
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खाक चौक व्यवस्था समिति ने शुक्रवार को दो संतों को निष्कासित कर दिया। इसमें मध्यप्रदेश की जेल में बंद महामंडलेश्वर राम सुभग दास बिनैका बाबा और महामंडलेश्वर मदन मोहन दास शामिल हैं। इनकी जगह दूसरे संतों को जिम्मेदारी दे दी गई।

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माघ मेले में शुक्रवार को खाक चौक व्यवस्था समिति की कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। निष्क्रियता के कारण महामंडलेश्वर मदन मोहन दास को समिति के संरक्षक पद से मुक्त कर दिया गया। कहा गया कि महामंडलेश्वर मदनमोहनदास अस्वस्थता के कारण दो वर्षों से माघ में मेले में नहीं आ रहे थे।



उनकी जगह समिति ने महामंडलेश्वर सुकदेवदास वनखंडी महाराज को समिति का संरक्षक चुना गया। इसी तरह मध्य प्रदेश की जेल में बंद समिति के सदस्य महामंडलेश्वर रामसुभग दास बिनैका बाबा की भी समिति के छुट्टी कर दी गई। उनकी जगह महामंडलेश्वर रामकृण्णदास कोल्हूनाथ को सदस्य बनाया गया।
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इनके अलावा महंत गोपाल दास को भी सदस्य के रूप में चुना गया।  इस दौरान समिति के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोषदास सतुआ बाबा ने सर्व सम्मति से प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। इस मौके पर महामंडलेश्वर अभिरामदास, महंत शशिकांत दास, महामंडलेश्वर गोर्कणदास, महंत जगदीशदास, महंत रामनरेशदास, महामंडलेश्वर हिटलर बाबा समेत कई संत उपस्थित थे।

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अफसरों की बदसलूकी से माघ मेले में तैनात कर्मियों में असंतोष 
माघ मेले में संस्थाओं और सुविधाओं के आंवटन के मसले पर अफसरों और कर्मचारियों में ठन गई है। मामला बदसलूकी तक पहुंचने के बाद मेले में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त हो गया है। इससे नाराज होकर कुछ कर्मी अवकाश पर चले गए हैं। कहा जा रहा है कि उच्च स्तर पर जल्द हस्तक्षेप नहीं किया गया तो माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व से पहले कर्मी काम ठप कर हड़ताल पर भी जा सकते हैं। बृहस्पतिवार को संस्थाओं और सुविधाओं को लेकर मेला दफ्तर में अफसरों और कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई थी। 
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