शासन एवं यूपी बोर्ड की ओर से केन्द्र निर्धारण की समय सीमा 30 नवंबर को पूरी होने के बाद परीक्षा केन्द्रों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। बोर्ड की ओर से सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों से केन्द्र बनाने के बारे में सीधे संपर्क स्थापित करने के बाद भी मात्र चार मंडलों के केन्द्र ही तय किए जा सके हैं। परीक्षा केन्द्रों पर फैसला नहीं होने से बोर्ड की परीक्षा तैयारी पिछड़ रही है।
यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केन्द्रों को तय करके उसकी सूची हर हाल में बोर्ड मुख्यालय को 30 नवंबर तक भेजना था। बोर्ड की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से केन्द्रों की अंतिम सूची मंडलीय समिति के पास नहीं पहुंची है। बोर्ड की ओर से मंडलीय सूची को केन्द्रों की सूची की पड़ताल करने के बाद ही परीक्षा केन्द्र तय करने को कहा गया है। सचिव यूपी बोर्ड का कहना है कि अभी तक कानपुर, अलीगढ़, झांसी एवं बरेली मंडल के परीक्षा केन्द्रों का फैसला नहीं हो सका है।
सबसे खास तो बोर्ड मुख्यालय के नाक के नीचे बैठे इलाहाबाद जिले के परीक्षा केन्द्रों का फैसला नहीं होने से मंडलीय समिति अभी तक केन्द्र तय नहीं कर पाई है। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी सूची को लेकर भारी आपत्ति के बाद केन्द्रों को लेकर फैसला करना कठिन हो रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी सूची में शासन एवं सत्ता से जुड़े लोगों के विद्यालयों पर आपत्ति होने के कारण सबसे अधिक परेशानी हो रही है। वित्तविहीन विद्यालयों को केन्द्र बनाने में सारे मानकों की अनदेखी करने के कारण सबसे अधिक शिकायत आई है। सूची में पांच वर्ष से कम समय पहले मान्यता पाए विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाने का आरोप लगा है।