deadbody of a minor girl digged
- फोटो : SIRSA
थरवई में 20 दिन पहले जहर खाकर जान देने वाली किशोरी का शव रविवार को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौत के दो दिन बाद सुसाइड नोट मिलने पर परिजनों की मांग है कि मामले में उचित धाराओं में केस दर्ज किया जाए। साथ ही बेटी की खुदकुशी के लिए जो भी अन्य लोग जिम्मेदार हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाए।
थरवई क्षेत्र की एक किशोरी ने 20 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। परिजनों ने अगले दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि दो दिन बाद उन्हें घर में ही एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें लिखा था कि गांव के ही एक युवक से उसका प्रेम संबंध था और वह गर्भवती भी हो गई थी। इसी जानकारी पर युवक ने मिलना-जुलना ही नहीं, बात करना भी बंद कर दिया। अस्पताल ले चलने के लिए कहने पर मारा-पीटा। साथ ही इसकी जानकारी गांव के कुछ अन्य युवकों को दे दी। जिन्होंने किशोरी का चिढ़ाना शुरू कर दिया। इसी से क्षुब्ध होकर किशोरी ने यह कदम उठाया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस लिखकर आरोपी युवक को जेल भेज दिया।
लेकिन उनका कहना है कि पुलिस ने यहीं खेल कर दिया। मामले में न दुष्कर्म की धाराएं लगाई, न ही बेटी की खुदकुशी के जिम्मेदार अन्य युवकों का नाम एफआईआर में शामिल किया। उनका यह भी आरोप है कि आरोपी युवक के परिवारवाले उन्हें सुलह न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने मामले की शिकायत डीएम से भी की। रविवार को डीएम के आदेश पर शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि सोमवार को पोस्टमार्टम होगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।