परिजन दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। एसीपी ने परिजनों को विश्वास दिलाया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। एसीपी के आश्वासन के बाद परिजन माने और शव का अंतिम संस्कार किया।
इसके बाद मृतक की पत्नी उमा देवी ने शंकरगढ़ थाने में बोंगईलाल, टक्कूलाल पुत्र रामलाल ऊर्फ बंजरिया व बिक्कीलाल पुत्र बोंगईलाल के खिलाफ नामजद तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि तीनों 21 जनवरी की रात उसके घर आए थे और उनको जान से मारने की धमकी दी थी। उसी की अगली सुबह राम मिलन का शव फंदे पर लटकता मिला। यह भी बताया कि आरोपी पूर्व में उसके साथ भी मारपीट कर चुके हैं। मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला पंजीकृत कर पूछताछ कर रही है।