प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि सीधी भर्ती को लेकर अक्सर विवाद होता है। सीधे इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती की जाती है। लिखित परीक्षा में तो मूल्यांकन के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन होता है, लेकिन इंटरव्यू में अगर मनमाने अंक दिए गए तो अभ्यर्थी अपनी तरफ से कोई ठोस दावा भी नहीं कर सकते हैं। इसके बावजूद सीधी भर्तियों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि समिति की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि सीधी भर्तियां पूरी तरह से समाप्त की जाएं और कम से कम एक चरण की परीक्षा के माध्यम से भर्ती हो। परीक्षा में मिले अंकों और इंटरव्यू के अंकों के आधार पर ही चयन किया जाए। प्रशांत का कहना है कि समिति की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यह मांग की गई है।