फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UPPSC: आयोग का सीधी भर्ती पर जोर, परीक्षा से होने वाली भर्तियों का पता नहीं. अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल

Mon, 23 Jan 2023 06:26 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू के कार्यक्रम और परिणाम लगातार जारी कर रहा है, लेकिन परीक्षाओं के माध्यम से होने वाली प्रमुख भर्तियों का अता-पता नहीं है।
विज्ञापन
Prayagraj News : यूपीपीएससी। - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू के कार्यक्रम और परिणाम लगातार जारी कर रहा है, लेकिन परीक्षाओं के माध्यम से होने वाली प्रमुख भर्तियों का अता-पता नहीं है। अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि सीधी भर्तियों पर आयोग का इतना जोर क्याें हैं, जबकि सीधी भर्तियां हमेशा से विवादों में रहीं हैं।

आयोग की ओर से जारी वर्ष 2023 के कैलेंडर में समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ), एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती, अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती, राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती को शामिल नहीं किया गया है, जबकि आयोग को पिछले साल ही इन भर्तियों के लिए पदों का अधियाचन मिल चुका है।

प्रतियोगी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि जब परीक्षा के माध्यम से होने वाली प्रमुख भर्तियों के लिए पदों का अधियाचन मिल चुका है तो विज्ञापन जारी क्यों नहीं किया जा रहा। इनकी जगह सीधी भर्तियों पर जोर दिया जा रहा है। आयोग हर हफ्ते सीधी भर्ती का परिणाम जारी कर रहा है। सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू के कार्यक्रम भी जारी किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि सीधी भर्ती को लेकर अक्सर विवाद होता है। सीधे इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती की जाती है। लिखित परीक्षा में तो मूल्यांकन के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन होता है, लेकिन इंटरव्यू में अगर मनमाने अंक दिए गए तो अभ्यर्थी अपनी तरफ से कोई ठोस दावा भी नहीं कर सकते हैं। इसके बावजूद सीधी भर्तियों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि समिति की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि सीधी भर्तियां पूरी तरह से समाप्त की जाएं और कम से कम एक चरण की परीक्षा के माध्यम से भर्ती हो। परीक्षा में मिले अंकों और इंटरव्यू के अंकों के आधार पर ही चयन किया जाए। प्रशांत का कहना है कि समिति की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यह मांग की गई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें