जनवरी तक रही पाबंदी, इसके बाद कोई रोकटोक नहीं
अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित व अन्य लोगों का कहना है कि जनवरी तक घाट पर लाश दफनाए जाने को लेकर रोकटोक रही। नगर निगम के अलावा पुलिस की टीम भी मौजूद रही। वे लोग लाश जलवा देते थे, लेकिन अब ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। इसलिए इन दिनों लाशों को दफनाए जाने की शिकायतें बढ़ गई हैं।
निगम में लाश जलवाने की नहीं है कोई योजना
नगर निगम के पर्यावरण अधिकारी उत्तम वर्मा का कहना है कि कोविड काल के दौरान लाशों को दफनाया जाए से रोकने के लिए योजना बनी थी। लाश के अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इस तरह की कोई योजना नहीं है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिषेक का भी कहना है कि लाशों के अंतिम संस्कार के लिए निगम में किसी योजना के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।