सूबे के मुख्य सचिव व डीजीपी की शहर में मौजूदगी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर बाइक सवार बदमाशों ने कर्नलगंज के कटरा में मनमोहन पार्क के पास बाइक से कचहरी जा रहे अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी। साथी की मौत से वकील आक्रोशित हो गए। उन्होंने एमजी मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और एसएसपी दफ्तर के सामने एक सिटी बस फूंक दी। कचहरी के पास सैकड़ों वकीलों ने पीएम, सीएम और डिप्टी सीएम केशव मौर्य की होर्डिंग तोड़कर जला दी। चार घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस किसी तरह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
रामबाग में रहने वाले अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव (50) पुत्र विंध्यवासिनी प्रसाद जिला न्यायालय में वकालत करते थे। रोज की तरह बृहस्पतिवार सुबह भी वह बाइक से कचहरी जाने के लिए घर से निकले। करीब 10.20 मिनट पर वह कर्नलगंज के कटरा, मनमोहन पार्क के पास स्थित उदिशा बाइक एजेंसी के सामने पहुंचे थे। तभी पीछे से पल्सर बाइक पर दो बदमाश आए। राजेश कुछ समझ पाते, इससे पहले पीछे बैठे बदमाश ने असलहा सटाकर उनकी कनपटी पर गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े और बाइक घिसटते हुए काफी दूर तक चली गई। तब तक बदमाश भाग निकले। अधिवक्ता को लहूलुहान पड़े देख आसपास मौजूद लोग भाग पहुंचे। तब तक कई वकील भी आ गए। अधिवक्ता को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
साथी की मौत से गुस्साए वकीलों ने एमजी मार्ग पर एसआरएन अस्पताल मोड़ के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना पर आईजी रमित शर्मा तमाम अफसरों और कई थानों की फोर्स लेकर पहुंचे। उन्होंने समझाया लेकिन वकील हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजे समेत कई अन्य मांगों पर अड़े थे। चार घंटे बाद मुआवजे की घोषणा और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद वकील शांत हुए और फिर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
होटल मालिक समेत दो नामजद, दो अज्ञात पर रिपोर्ट
मृतक अधिवक्ता के भाई बृजेश की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों को नामजद करते हुए दो अज्ञात पर भी रिपोर्ट दर्ज की है। नामजद आरोपियों में रामबाग स्थित रामायना होटल का मालिक प्रदीप जायसवाल और नगर निगम कर्मचारी कमल शामिल हैं। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि होटल मालिक ने नाले पर कब्जा किया हुआ था, जिसकी शिकायत अधिवक्ता राजेश ने अफसरों से की थी। इस पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।
चीफ जस्टिस ने दिया कार्रवाई का निर्देश
उधर अधिवक्ता की हत्या को लेकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस के सामने मामला मेंशन करते हुए स्वत: संज्ञान लेने की मांग की। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि पूरा मामला उनकी जानकारी में है। उन्होंने पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलाया। लंच में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी और महासचिव एसी तिवारी चीफ जस्टिस के चैंबर में गए। वहां पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जिला जज मौजूद थे। चीफ जस्टिस ने अधिकारियों से अविलंब कार्रवाई करने के लिए तथा पदाधिकारियों को भी हिदायत दी कि वह धैर्य बनाए रखें। चीफ जस्टिस ने वकीलों की मांगों पर पूरा ध्यान देने का आश्वासन दिया।
उधर मामले की जानकारी पर मुख्य सचिव के साथ शहर पहुंचे डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की ओर से मृत वकील के आश्रित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। उधर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी आश्रित परिजनों के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई।
नामजद होटल मालिक को गिरफ्तार कर रात में ही जेल भेज दिया गया है। दूसरे आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वकील पर गोली चलाने वाले दोनों बदमाशों की भी तलाश हो रही है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। शासन की ओर से 20 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है।
ओपी सिंह, डीजीपी
दिनदहाड़े हुई अधिवक्ता की हत्या के विरोध में निचली अदालतों समेत हाई कोर्ट के वकील कामकाज ठप कर हड़ताल पर चले गए।