अमूमन ऐसा कम ही होता है कि जब किसी ट्रेन में ड्राइवर से लेकर गार्ड तक का काम महिला ही करें, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऐसा हुआ। कानपुर से इलाहाबाद जंक्शन पहुंची जोधपुर एक्सप्रेस पूरी तरह से महिला कर्मचारियों के ही हवाले रही। दिन में तीन बजे जब ट्रेन जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची तो उसकी लोको पॉयलट मधुलता वर्मा और जूली सचान का चेहरा जोश से दमक रहा था। जंक्शन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय तक भी इस ट्रेन में लोको पॉयलट के रूप में वंदना गुप्ता और रेनू यादव तैनात रहीं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को इस बार रेलवे ने खास अंदाज में मनाया। कानपुर से दिन में 12.06 बजे जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस इलाहाबाद जंक्शन के लिए चली तो इसमें लोको पॉयलट की जिम्मेदारी कानपुर की जूली और वाराणसी की मधुलता ने निभाई। दो वर्ष पूर्व ही इन दोनों ने भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पॉयलट का पदभार ग्रहण किया था। इन दोनों ही लोको पॉयलटों ने कहा कि आज जो सुखद अनुभूति हुई है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जंक्शन से इस ट्रेन में लोको पॉयलट की कमान दिन में तीन बजे गाजीपुर की वंदना और प्रतापगढ़ की रेनू यादव ने संभाली। इनकी हौसलाफजाई के लिए मंडल की पहली महिला लोको पॉयलट रेनू जायसवाल भी पहुंचीं।
रेनू इन दिनों यार्ड में इंजन की शंटिंग का काम कर रही हैं। रेनू ने कहा कि आज बहुत अच्छा लगा कि ट्रेन में चेकिंग स्टाफ, सिक्योरिटी और गार्ड आदि का दायित्व महिलाओं के ही पास है। जंक्शन पर सभी महिला स्टाफ ने इंजन के साथ अपनी सेल्फी भी ली। इस दौरान महिला स्टाफ का स्वागत करने के लिए स्टेशन डायरेक्टर गिरीश कंचन, सीआईटी डोरीलाल शर्मा, आरपीएफ प्रभारी रजिंद्र कुमार, एनके यादव आदि भी पहुंचे। ट्रेन की महिला गार्ड आरती वर्मा जो लखनऊ की रहने वाली है ने बताया कि अभी तक वे मालगाड़ी लेकर ही चलती थीं, लेकिन आज पहली बार एक्सप्रेस ट्रेन में यह जिम्मेदारी मिली। कहा कि मालगाड़ी में असुरक्षा की भावना रहती है, जबकि एक्सप्रेस ट्रेन में ऐसा नहीं है।