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नहीं हुई शिनाख्त, अज्ञात में हुआ पोस्टमार्टम

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परेड मैदान में मिली थी सिरकटी लाश
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पहचान में भी नाकाम रही दारागंज पुलिस
प्रयागराज। दारागंज के परेड मैदान में बेरहमी से मारे गए युवक की शिनाख्त तीन दिन बाद भी नहीं हो सकी। जिसके बाद अज्ञात में ही उसका पोस्टमार्टम हुआ। जिसके बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार करा दिया।
बता दें कि 28 अक्तूबर को परेड मैदान में 30 वर्षीय युवक की सिर कटी लाश मिली थी। शव की हालत देखने से साफ था कि बेरहमी से गला रेतकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने उसका सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया था। धनुपुर हंडिया का रहने वाला रमाकांत पांडेय ने किला गेट से संगम की ओर जाते वक्त शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी। 30 साल के मृतक के शव को जलाने की भी कोशिश की गई थी। माना जा रहा है कि मृतक की पहचान छिपाने की नीयत से ऐसा किया गया। काफी कोशिशें के बाद भी शिनाख्त नहीं होने पर शव र्मचरी भेजवा दिया गया था। हालांकि तीन दिन बाद भी शिनाख्त नहीं होने पर शुक्रवार को अज्ञात में पोस्टमार्टम करा दिया गया।
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पल्ला झाड़ने में लगी है पुलिस
दारागंज पुलिस शव मिलने के दिन से ही मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश में लगी है। दरअसल उसकी ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि हत्या कहीं और किए जाने के बाद शव यहां फेंका गया। शायद यही वजह है कि परेड मैदान की ओर जाने वाले हर रास्तों पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा होने के बावजूद पुलिस अब तक यह नहीं पता कर पाई है कि हत्यारे यहां तक पहुंचे कैसे।
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कार्यप्रणाली के साथ मंशा पर भी सवाल
जानकारों का कहना है कि पुलिस की ही बात को सच मानें तो हत्या कहीं और किए जाने के बाद शव परेड मैदान तक लाने के लिए हत्यारों ने निश्चित ही चारपहिया वाहन का उपयोग किया होगा। लाश 28 अक्तूबर की शाम देखी गई जिससे साफ है कि इसे 27 की रात यहां फेंका गया। क्योंकि दिनदहाड़े लाश फेंककर खुद को खतरे में डालने की गलती हत्यारे कभी नहीं करेंगे। अब चौतरफा सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद महज एक रात में परेड मैदान में आने वाले चारपहिया वाहनों के बारे में पता न लग पाने से दारागंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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