प्रयागराज। जानसेनगंज चौराहे की राह और खतरनाक हो गई है। यहां ध्वस्तीकरण की जद में आए भवन की लटकी छत हादसे का कारण बन सकती है। सोमवार आधी रात से भोर में चार बजे तक की गई कार्रवाई में सरिया के जाल में फंसकर लटकी छत नहीं गिराई जा सकी। बचाव के लिए एडीए वहां से मलबा नहीं हटा रहा है। अफसरों का कहना है कि कटर से काटकर छत हटाई जाएगी। जानसेनगंज चौराहे पर निरंजन डॉट पुल छोर के कोने का भवन चौड़ीकरण और सुंदरीकरण में बाधा बना है। इस भवन के ध्वस्तीकरण में हर बार कुछ न कुछ नई परेशानी आ रही है। यहीं छज्जा गिरने से दबे मजदूर की मौत हो गई थी। दूसरी बार पोकलैंड मशीन ने ध्वस्तीकरण किया तो सरिया के सहारे बड़ी छत लटक गई। अब यह छत काफी जतन के बाद भी नहीं गिराई जा सकी है।
जानकारों का कहना है कि पोकलैंड, जेसीबी से छत नहीं गिराई जा सकी तो सहारा ड्रिलिंग का ही बचा है। वहीं एडीए के अफसर और इंजीनियर गैस कटर से सरिया काटकर छत गिराने की तैयारी में है। जानकारों के मुताबिक यह काम खतरनाक है। एक तरफ छत की सरिया काटेंगें तो दूसरी तरफ लटकी छत बगल के मकान को क्षतिग्रस्त करेगी। ऐेसे में सामने से मशीन लगाकर छत रोकी जाए। दोनों छोर से एक साथ गैस कटर लगाकर सरिया काटी जाए तो कुछ समाधान निकल सकता है। एडीए के जोनल अधिकारी जय राम मौर्या और प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि तकनीकी राय लेकर ध्वस्तीकरण का काम पूरा कराया जाएगा।