prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
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भूमि आवंटन की शुरुआत सोमवार को समूहों में बसने वाली सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था दंडीबाड़ा से होगी। दंडी स्वामी नगर बसाने के लिए 127 से अधिक संस्थाओं को मंगलवार तक भूमि आवंटन किया जाएगा। इसके लिए चरखी दादरी से अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज यहां पहुंच गए हैं। भूमि आवंटन के साथ ही दंडीबाड़ा के संतों के शिविर लगने शुरू हो जाएंगे।
इसी तरह 23 दिसंबर से खाक चौक बसाने के लिए भूमि आवंटन किया जाएगा। खाक चौक के भी कई संत महामंडलेश्वर रविवार को प्रयागराज पहुंच गए। रेती पर शिविर लगाने के लिए साजो सामान गिराए जाने लगे हैं, लेकिन इससे पहले वहां अभी मेला प्रशासन की ओर से चकर्ड प्लेट मार्ग भी नहीं बनवाए जा सके हैं। पांच पांटून पुलों का निर्माण कराया जाना है।
मेला प्रशासन ने सोमवार तक एक पुल बनाकर हस्तांतरित कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को हिदायत दी थी, ताकि संतों-भक्तों का मेला क्षेत्र में आवागमन शुरू हो सके। गंगा पार वाहनों से सामान ले जाया जा सके, लेकिन काम पिछड़ गया है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि किसी भी दशा में 25 दिसंबर से पहले मेला क्षेत्र में पांटून पुल से यातायात आरंभ नहीं हो सकेगा। सबसे पहले महावीर मार्ग पर पांटून पुल बनकर तैयार होने की उम्मीद है। इसी तरह अभी तक सेक्टर वाइज विद्युतीकरण और पेयजल के लिए पाइप लाइनें भी नहीं बिछाई जा सकी हैं।
माघ मेला के लिए पहुंचे जगदगुरु बिनैका बाबा
बड़े भक्तमाल अयोध्या के जगदगुरु स्वामी रामसुभगदास द्वाराचार्य बिनैका बाबा का आगमन रविवार को माघ मेला बसाने के लिए हो गया। वह 23 दिसंबर को खाक चौक के भूमि आवंटन में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि खाक चौक की जमीन का आवंटन उनके शिविर से शुरू होगा। आवंटन के बाद भूमि पूजन के साथ शिविर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। शिविर में मकर संक्रांति से कथा, प्रवचन, यज्ञ और भंडारा शुरू हो जाएगा।
तपस्वीनगर बसाने आए 13 पंच त्यागी संत
माघ मेला में शिविर लगाने के लिए रविवार को 13 पंच त्यागी संत भी माघ मेले के लिए अयोध्या से संगम की रेती पर पहुंच गए। इन त्यागियों का शिविर खाक चौक में महावीर मार्ग पर तपस्वी नगर में लगेगा। तपस्वी संत स्वामी गोपाल जी महाराज ने बताया कि त्यागी परंपरा केसंत माघ मेला में वसंत पंचमी से गंगा दशहरा तक धूना की तपस्या करेंगे।