रिफार्मर जीन जार्ज नावेरे की जयंती के उपलक्ष्य में विश्व नृत्य दिवस पर सांस्कृतिक केंद्र की ओर से सोमवार को हुई नृत्य प्रतियोगिता के तहत चालीस विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। आधुनिक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, गायन, वादन, वालीवुड डांस फ्यूजन, मतदान जागरूकता, स्वच्छता पर आधारित नृत्यों के अतिरिक्त पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि प्रान्तों के लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों से मंच सजा।
लूकरगंज स्थित विद्यावती दरबारी गर्ल्स इंटर कॉलेज, पंतजलि स्कूल की ओर से गणेश वंदना से शुरुआत के बाद राजस्थानी परिधानों में सजे केन्द्रीय अकादमी, झूँसी,केपी गर्ल्स इंटर कालेज और महाप्रभु पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने कालबेलिया प्रस्तुत कर समा बांधा। जगत तारन गोल्डन जुबिली की ओर से पारंपरिक लोकनृत्य ढे़िडया की मनभावन प्रस्तुति की गई। बेथनी कांवेन्ट नैनी की ओर से समसामयिक नृत्य, किदवई मेमोरियल तथा क्त्रसस्थवेट गर्ल्स कालेज, मैरीवानामेकर की ओर से लोकनृत्य, वालीवुड डांस, ऋषिकुल हायर सेकेंडरी, जगत तारन गर्ल्स इंटर कालेज की ओर से शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां लुभाती रहीं।
वहीं आरएसजे पब्लिक स्कूल झूंसी की ओर से असम का बिहू लोकनृत्य, इलाहाबाद पब्लिक स्कूल की ओर से पंजाबी लोकनृत्य, रेड इगल पब्लिक स्कूल की ओर से वालीवुड नृत्य, डॉ. कौशल कान्वेन्ट की ओर से पारंपरिक लोकनृत्य, सेंट मेरीज कान्वेंट की ओर से भरतनाट्यम, आर्मी पब्लिक स्कूल की ओर से शिव तांडव प्रस्तुत किया गया।
गुरुतेग बहादुर खालसा की ओर से भांगड़ा, स्वामी विवेकानंद विद्याश्रम की ओर से आधुनिक नृत्य, विद्यावती दरबारी की ओर से शास्त्रीय नृत्य, बीबीएस की ओर से लावणी नृत्य, केन्द्रीय विद्यालय न्यू कैंट, मार्डन पब्लिक स्कूल की ओर से लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। शुरुआत में केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने विश्व रंगमंच दिवस का महत्व बताया। सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में 30 अप्रैल को शाम चार बजे से विशिष्ट प्रस्तुतियों के अतिरिक्त विद्यालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।