इलाहाबाद, कानपुर और मेरठ में इस साल साइबर थाने खोले जाएंगे। इस बारे में प्रमुख सचिव (गृह) एवं डीजीपी के स्तर से निर्णय ले लिया गया है। इनके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में व्यवस्था कराई जा रही है। इन थानों में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, पूर्व में संचालित आगरा, बनारस और लखनऊ के साइबर थानों के लिए साइबर फारेंसिक किट की व्यवस्था भी की जा रही है।
प्रदेश में कैशलेस को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोग साइबर ठगी के शिकार भी हो रहे हैं। प्रदेश में इस तरह केऔसतन हर रोज 250 से अधिक मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। जिनको निस्तारित करने के लिए पुलिस केपास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री के साथ क्राइम कंट्रोल के लिए लखनऊ में पुलिस का प्रजंटेशन हुआ था। जिसमें इस समस्या को रखा गया था, उसी समय प्रदेश में कई साल पहले खुले तीन साइबर थानों को अत्याधुनिक सुविधा वाली किट उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया । साथ में तीन और नए थाने खोलने केनिर्देश दिए गए। जो कि मंडल स्तर पर होंगे और अपने मंडल के अलावा आसपास के जिलों के क्राइम से जुड़े मामलों को भी निस्तारित करेंगे।
पुलिस मुख्यालय के अपर महानिदेशक पुलिस बीपी जोगदंड ने बताया कि इस साल पुलिस के आधुनिक उपकरणों पर 70 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान बजट में किया गया है। इसमें साइबर क्राइम कंट्रोल को फारेंसिक लेब के अलावा एटीएस, एसटीएफ और पीएसी को एंटी राइट तथा फिंगर प्रिंट मशीन उपलब्ध कराई जाएंगी। साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के लिए कुछ नए सॉफ्टवेयर की व्यवस्था कराई जानी है।