पायलट ट्रेनिंग के नाम पर छात्र से 14 लाख की ठगी
सिविल लाइंस के रहने वाले रोहित वर्मा ने बेटे रौनक वर्मा को पायलट का प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर एक बड़ी कंपनी द्वारा ठगी किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जाटी ढिल्लो, राम कृष्णन अय्यर, रणदीप पनाग और समर सिंह माली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरोजिनी नायडू मार्ग स्थित सरस्वती अपार्टमेंट में रहने वाले रोहित वर्मा के अनुसार उनके बेटे रौनक वर्मा ने छह अगस्त 2019 को पायलट प्रशिक्षण देने वाली संस्था गाटी में दाखिला लिया था। इसके लिए करीब 14 लाख रुपये फीस के रूप में जमा किए गए, जिसमें आठ लाख रुपये बैंक के माध्यम से और शेष नकद दिए गए थे।
संस्थान ने 185 घंटे की फ्लाइंग ट्रेनिंग और उसके बाद कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि तय एयरक्राफ्ट की जगह छात्रों को दूसरे विमान से प्रशिक्षण देते हुए फरवरी 2024 में अचानक प्रशिक्षण रोक दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने संस्थान से ट्रेनिंग पूरी करने या फीस वापस करने की मांग की तो लगातार टालमटोल किया गया। संस्थान के डायरेक्टर और अन्य जिम्मेदार लोगों से संपर्क करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि फोन करने पर अभद्र व्यवहार कर धमकी दी गई। रोहित वर्मा ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से सुनियोजित धोखाधड़ी है, जिसमें छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। उनका कहना है कि उनके बेटे का कॅरिअर अधर में लटक गया है।