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Prayagraj News: एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से हर आंख हुई नम, लाडलों का शव देख मां हुई बेसुध

Sat, 28 Mar 2026 05:18 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मांडा (प्रयागराज)

सार

बामपुर गंगा घाट हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से हर किसी की आंख नम हो गई। अनिल और कमलेश सगे भाई हैं। इस दर्दनाक घटना में अनिल के दोनों बेटों की डूबने से मौत हो गई, जिससे उनका पूरा परिवार उजड़ गया। 
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मांडा बामपुर गंगा घाट पर डूबे बच्चों की तलाश करते मछुआरे व अग्निशमन कर्मी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बामपुर गंगा घाट हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से हर किसी की आंख नम हो गई। अनिल और कमलेश सगे भाई हैं। इस दर्दनाक घटना में अनिल के दोनों बेटों की डूबने से मौत हो गई, जिससे उनका पूरा परिवार उजड़ गया। अनिल के बड़े बेटे हिमांशु राव उर्फ कुनाल नहवाई गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा छह का छात्र था, जबकि छोटा बेटा रेयांश राव उर्फ निहाल उसी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता था। दोनों बेटों की मौत की खबर मिलते ही मां किरन रोते-बिलखते गंगा घाट पहुंचीं और शवों को देखते ही बेसुध हो गईं। पिता अनिल गहरे सदमे में खामोश खड़े रहे।

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आंखों के सामने डूबा छोटा भाई, मैं कुछ नहीं कर सका...

अनिल के भाई कमलेश के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके तीन बच्चों में सबसे बड़े बेटे दिव्यांशु को मछुआरों ने बचा लिया, लेकिन छोटे बेटे ऋषभ राव की डूबने से मौत हो गई। ऋषभ गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी मौत से मां यशोदा, बहन अनन्या और भाई दिव्यांशु का रो-रोकर हाल बेहाल है। दिव्यांशु बार-बार यही कहकर बिलख रहा था कि आंखों के सामने उसका छोटा भाई डूब गया और वह कुछ नहीं कर सका।

दीपक ने दी थी बारहवीं की परीक्षा

अनिल के चचेरे भाई राजाराम का इकलौता बेटा दीपक कुमार भी इस हादसे का शिकार हो गया। दीपक ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है। इकलौते बेटे को भी खोने पर पिता राजाराम फूट-फूटकर रो पड़े। एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से गांव में हर किसी की आंखें नम हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि ऐसा मंजर शायद ही किसी ने पहले कभी देखा हो।

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दो बच्चों के सिर पानी के ऊपर थे, उन्हें खींचकर नाव पर चढ़ाया

बामपुर घाट पर हुए हादसे के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना तीन बच्चों की जान बचाने वाले बादपुर गांव निवासी मछुआरे कलेंद्र निषाद और अजय निषाद को प्रशासन ने सम्मानित किया है। एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय ने दोनों को नकद पुरस्कार देकर उनके साहस की सराहना की और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर औपचारिक सम्मान दिलाने की बात कही।

कलेंद्र निषाद ने बताया कि बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दी तो वह अजय निषाद के साथ दौड़ते हुए नदी किनारे पहुंचे और बिना समय गंवाए घाट पर बंधी नाव खोलकर डूबते बच्चों की ओर बढ़ गए। बताया कि दो बच्चों के सिर पानी के ऊपर दिखाई दे रहे थे, जिन्हें तुरंत खींचकर नाव पर चढ़ा लिया गया।

एक अन्य बच्चा पूरी तरह पानी में समा चुका था, जिसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी और काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाल लिया। हालांकि, तेज धारा और गहराई के कारण अन्य चार बच्चों को बचाया नहीं जा सका।
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