साइबर ठगों ने जेट एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी होने का झांसा देकर मुट्ठीगंज के 74 वर्षीय बुजुर्ग व्यवसायी को आठ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने पहले व्यवसायी के आधार कार्ड से बैंक खाता खुलने और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग के रुपयों के लेनदेन की बात कही और फिर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर 50.18 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
व्यवसायी ने बताया कि उनके मोबाइल पर 12 नवंबर को अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि आपके विरुद्ध एक केस दर्ज है। नरेश गाेयल के मामले की जांच में केनरा बैंक में आपके आधार कार्ड नंबर से एक खाता खुला मिला। इस खाते से मनी लॉन्ड्रिंग के 9.38 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। इस संबंध में सीबीआई व आरबीआई जांच कर रही है। आपके नाम से सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा भी है।
ठगों ने कहा कि बैंक खाते, प्रॉपर्टी, लेनदेन, गोल्ड या फिर कोई भी संपत्ति है तो उसकी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ठगों ने फोन कर कहा कि वे मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन से बात कर रहे हैं फिर राजेश मिश्रा नामक व्यक्ति की वीडियो कॉल आई। वह खुद को सीबीआई अफसर बताकर गिरफ्तारी के नाम पर डराने-धमकाने लगा।