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Cyber Crime : व्यवसायी को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 50.18 लाख रुपये, खुद को बताया सीबीआई का अफसर

Fri, 28 Nov 2025 07:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

साइबर ठगों ने जेट एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी होने का झांसा देकर मुट्ठीगंज के 74 वर्षीय बुजुर्ग व्यवसायी को आठ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
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डिजिटल अरेस्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : adobe stock photo
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विस्तार
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साइबर ठगों ने जेट एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी होने का झांसा देकर मुट्ठीगंज के 74 वर्षीय बुजुर्ग व्यवसायी को आठ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने पहले व्यवसायी के आधार कार्ड से बैंक खाता खुलने और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग के रुपयों के लेनदेन की बात कही और फिर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर 50.18 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

व्यवसायी ने बताया कि उनके मोबाइल पर 12 नवंबर को अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि आपके विरुद्ध एक केस दर्ज है। नरेश गाेयल के मामले की जांच में केनरा बैंक में आपके आधार कार्ड नंबर से एक खाता खुला मिला। इस खाते से मनी लॉन्ड्रिंग के 9.38 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। इस संबंध में सीबीआई व आरबीआई जांच कर रही है। आपके नाम से सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा भी है।

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ठगों ने कहा कि बैंक खाते, प्रॉपर्टी, लेनदेन, गोल्ड या फिर कोई भी संपत्ति है तो उसकी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ठगों ने फोन कर कहा कि वे मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन से बात कर रहे हैं फिर राजेश मिश्रा नामक व्यक्ति की वीडियो कॉल आई। वह खुद को सीबीआई अफसर बताकर गिरफ्तारी के नाम पर डराने-धमकाने लगा।

किसी को कुछ बताया तो हो सकता है हमला

एफआईआर के मुताबिक, कोलाबा पुलिस बनकर ठगों ने कोर्ट का ब्योरा देते हुए कहा कि अपना बैंक खाता अपडेट करवाकर दीजिए ताकि अगले आदेश तक इसे सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दिया जाए। धमकाया गया कि नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित है। मोबाइल नंबर के माध्यम से आपकी सभी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। अगर किसी को कुछ बताया तो मुजरिम के गुंडे व गुर्गे आप पर हमला कर सकते हैं। इस झांसे में लेकर ठगों ने उनके बैंक खाते से कुल 50.18 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। यह सिलसिला 19 नवंबर तक चलता रहा। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई।

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सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता को नौ दिनों तक किया था डिजिटल अरेस्ट

इससे पूर्व 17 नवंबर को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता को नौ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 22.50 लाख रुपये की ठगी की थी। ठगों ने पहले खुद को मुंबई के ईडी व सीबीआई का अफसर बताया और फिर बैंक खाते से गैरकानूनी तरीके से लेनदेन का झांसा देकर चपत लगा दी। इस तरह की लगातार दूसरी घटना सामने आने से साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • कभी पुलिस डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है, अगर कोई वारंट होगा तो पुलिस घर आएगी।
  • अंजान नंबर से आई कॉल पर बिलकुल भरोसा न करें, अगर कोई आपको डराए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
  • अंजान नंबर से आई वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने कोई व्यक्ति दिखे तो तुरंत फोन काट दें।
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्प लाइन नंबर 1930 या फिर cybercrime.in पर सूचना देंं।
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