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सीबीआई जांच में तेजी के लिए सीवीसी ने लिखा पत्र

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cvc forwards letter to cbi to probe in aps 2010 exam
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच में तेजी लाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीबीआई को पत्र लिखा है। प्रतियोगी छात्रों ने जांच में लेटलतीफी की शिकायत सीवीसी के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से भी की थी।
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सीबीआई ने अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती-2010 के मामले में लोक सेवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए शासन से अभियोजन की स्वीकृति मांगी है। सीबीआई को इस परीक्षा में धांधली के कई सुराग मिले हैं। इसके साथ ही सीबीआई ने पीसीएस-2015 के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया था। यह मुकदमा आयोग के अज्ञात अफसरों और बहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। सीबीआई अब अज्ञात अफसरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। हालांकि शासन से अभियोजन स्वीकृति न मिलने के कारण सीबीआई की कार्रवाई अटकी हुई है।
उधर, जांच में हो रही देरी के मामले में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय ने सीवीसी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में सीवीएस ने जांच तेज करने के सीबीआई को पत्र लिखा है और इसकी एक प्रतिलिपि अवनीश पांडेय को भी भेजी है। सीवीसी की ओर से अवनीश को सूचना दी गई है कि शिकायत गंभीर प्रकृति की है, जिस पर उचित व जल्द कार्रवाई के लिए सीवीसी ने सीबीआई को कह दिया है। एक महीने के अंदर सीबीआई को इस पत्र का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी है। साथ ही सीवीसी ने यह भी लिखा है कि आपकी शिकायत का निस्तारण अब सीबीआई करेगी, इसलिए आप सीबीआई से संपर्क करें।
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प्रतियोगियों ने मुख्यमंत्री को फिर भेजा पत्र
- सीबीआई की ओर से अभियोजन स्वीकृति के लिए शासन को भेजे गए पत्र पर अब तक कोई आदेश जारी न होने से सीबीआई की कार्रवाई अटक गई है। इस मामले में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को फिर से पत्र भेजा है। पत्र के साथ केंद्रीय जांच एजेंसियों की ओर से जारी पत्रों को भी संलग्न किया गया है और मांग की गई है कि मुख्यमंत्री इन पत्रों को संज्ञान में लेते हुए शासन स्तर पर रोकी गई फाइल शीघ्र सीबीआई के सुपुर्द करने के लिए अफसरों को आदेश जारी करें।
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