शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर मंगलवार को शहर के शक्तिपीठों, सिद्धपीठों सहित घरों में भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापना की गई। घरों और मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया। जागरण में देवी की महिमा भी बखानी गई। सुबह शक्तिपीठों में पूजन जबकि शाम को शृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं। मंदिर परिसर देवी के नाम के जयकारों से गूंजता रहा।
मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में सुबह से भक्तों की कतार लगी रही। महिला भक्तों ने दोपहर को भजन कीर्तन से देवी की आराधना की। कोलकाता के सज्जाकार दिनेश ने मंदिर के गर्भगृह को कलात्मक कलशों से सजाया था। त्रिपुर सुंदरी ललिता देवी का शैल पुत्री स्वरूप में शृंगार हुआ। दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के लिए परिसर में लोगों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में शतचंडी यज्ञ मानव कल्याण के निमित्त आरंभ हुआ। मुख्य यजमान संजीव अग्रवाल ने आचार्य पुरोहितों के निर्देशन पर पूजन किया। देवी जागरण में भगवती की महिमा बखानी। समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा सहित महामंत्री धीरज नागर, पीसी वर्मा, संजय उपाध्याय, उमेश मिश्रा, अनूप केशरवानी, कौशल, सरदार सत्येंद्र सिंह, पुरुषोत्तम यादव, आशीष श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव आदि ने सहयोग किया। बिजली की आकर्षक सजावट मंत्रमुग्ध करती रही।
सिविल लाइंस रोडवेज के सामने स्थित सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ में पीठाधीश्वर आचार्य कुशमुनि की देखरेख में तांत्रिक पद्धति से कलश स्थापना की गई। इसी तरह सिविल लाइंस हनुमत निकेतन, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर की देवी दुर्गा, हाईकोर्ट पानी टंकी अष्टभुजी मंदिर, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, कर्नलगंज कालीबाड़ी, कटरा कालीबाड़ी, समिया माई मंदिर सहित शहर के अनेक शक्तिपीठों में कलश स्थापना के बाद देवी गीत, आरती, पूजन के कार्यक्रम हुए।