इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता और आरोपी के सुखद वैवाहिक जीवन को देखते हुए आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता और आरोपी के सुखद वैवाहिक जीवन को देखते हुए आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब तलब किया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने शेखर और अन्य की ओर से मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग में दायर याचिका पर दिया है। संभल के हजरत नगर गढ़ी थाने में आरोपी के खिलाफ अपहरण व पॉक्सो के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। ट्रायल कोर्ट की आर जारी समन आदेश सहित मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग में आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि घटना के समय पीड़िता की आयु 17 वर्ष और नौ माह थी। पीड़िता ने स्वयं दर्ज बयानों में यह स्वीकार किया है कि उसने नौ दिसंबर 2024 को आरोपी के साथ अपनी मर्जी से निकाह किया था। यह भी बताया कि पीड़िता गर्भवती है। पति (आरोपी) संग खुशहाल जीवन जी रही है।