थरवई थाना क्षेत्र के उत्तम गिरी की चकिया में शुक्रवार की शाम कप्तान सिंह यादव उर्फ मुन्ना (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप कप्तान के सगे भाई कुलदीप, चाचा जय सिंह और चचेरे भाई मंजीत पर लगा है। विवाद जायदाद का बताया जा रहा है। घटना के वक्त कप्तान के पिता जबर सिंह भी मौके पर मौजूद थे। उनकी तहरीर पर देर रात थरवई थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। आरोपी फरार हैं। कप्तान सिंह फाफामऊ के बीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था। शुक्रवार को वह वेतन मिलने के बाद फाफामऊ बाजार में ही रेडिमेड कपड़ों की दुकान पर रुक गया था। वहीं उसे पिता जबर सिंह मिले। पिता को लेकर वह शाम पौने छह बजे बाइक से गांव पहुंचा।
वह घर से कुछ दूरी पर ही था कि सामने से एक बाइक से तीन लोग आए। चलती बाइक से ही कप्तान को पिस्टल से गोली मार दी गई। गोली सामने से उसके कमर के निचले हिस्से में लगी और पीछे की तरफ जा धंसी। गोली लगते ही कप्तान पिता के साथ बाइक से गिर पड़ा। पिता जबर सिंह के हाथ में सब्जियाें के थैले थे। उनको भी चोटें आई हैं। बेटे को तड़पता देख जबर सिंह के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत ही घर पर फोन किया और उसे फाफामऊ के ही एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे शहर के लिए रेफर कर दिया गया। 6.30 बजे परिजन उसे पन्ना लाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। उसकी हालत देखकर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मौत अधिक खून बह जाने के कारण हुई। खबर पाकर एसपी गंगापार शफीक अहमद भी पहुंच गए। जबर सिंह ने आरोप अपने बेटे कुलदीप, छोटे भाई जय सिंह और भतीजे मंजीत पर लगाया है। जबर सिंह और जय सिंह के बीच विवाद जायदाद को लेकर चल रहा था। एसपी गंगापार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।