करछना थाना क्षेत्र के झीरी लच्छीपुर गांव में बालू निकालने को लेकर चल रहे विवाद ने सोमवार को खूनी रूप ले लिया। भुंड़ा गांव के रहने वाले उपेन्द्र शर्मा (23) पुत्र रामकृष्ण शर्मा को लाठी डंडों और सरिये से पीटकर मार डाला और लाश नदी में फेंक दी। कई घंटे की खोजबीन के बाद शव को नदी से बरामद कर लिया गया। आरोपी को पुलिस ने मेजा से गिरफ्तार कर लिया।
लच्छीपुर घाट पर पिछले कुछ दिनों से बालू खनन को लेकर दो गुटों में कई बार फायरिंग भी हुई थी। सोमवार को दोपहर मेजा के कठौली गांव के कुछ लोगों ने लच्छीपुर घाट पर मछली बनाया और शराब पी। दूसरे गुट के उपेंद्र शर्मा, बबलू सोनकर और बबोल आदि भी वहीं पी खा रहे थे। इसके बाद दूसरे गुट से विवाद शुरू हुआ। झगड़ा होने लगा और लाठी डंडे और सरिये से उपेंद्र शर्मा निवासी भुंडा की हत्या कर दी गई और शव नदी में फेंक दिया गया।
यह देख उपेंद्र के साथ वाले वहां से भाग लिए थे। भुंडा गांव के ही बबलू सोनकर और बबोल को भी मारपीट के दौरान काफी चोटें आयी हैं। उन लोगों ने उपेंद्र के घर वालों को बताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रात में करीब नौ बजे गोताखोरों ने उपेंद्र का शव बाहर निकाल लिया। इसके बाद मेजा पुलिस ने उपेंद्र की हत्या में अनूप शर्मा को उसके गांव से हिरासत में ले लिया। उससे मेजा थाने में पूछताछ की जा रही है। एसएसपी आकाश कुलहरि मौके पर पहुंच गए थे। सीओ रत्नेश सिंह और कई थानों की फोर्स गांव में तैनात कर दी गई है।