कीडगंज में रायल इनफील्ड एजेंसी के मालिक विकास हांडा से पत्र लिखकर एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में रविवार को कीडगंज पुलिस ने एजेंसी में काम कर रहे कर्मचारियों का लिखित बयान लिया। इसके अलावा पुलिस ने विकास से एक साल में एजेंसी से निकाले गए कर्मचारियों की डिटेल मांगी है। ताकि पुलिस उनके मोबाइल की कॉल डिटेल और लिखावट की जांच कर सके।
सहायक पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि रविवार को एजेंसी में काम रहे एक दर्जन कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ की गई। उनसे लिखित बयान लिया गया। इसके अलावा नैनी स्थित डाकघर भी पुलिस गई थी। डाकघर में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। कैमरा लगा होता तो कुछ सुराग मिल सकता था। फिलहाल आसपास के दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा जाएगा। डाक खाने के कर्मचारियों से सोमवार को पूछताछ की जाएगी। एजेंसी के कर्मचारियों का लिखित बयान लिया जा रहा है ताकि पत्र की राइटिंग मिलान की जा सके। कारोबारी को पत्र भेजकर रंगदारी मांगे जाने की घटना से व्यापारियों में आक्रोश है।
फिलहाल पुलिस मान रही है कि यह किसी सिरफिरे की करतूत हो सकती है। हालांकि अब तक जिले पत्र से रंगदारी मांगने, धमकी देने के जितने भी मामले सामने आए हैं। पुलिस उनका खुलासा नहीं कर पाई है। यमुनापार में कंपनी के प्रबंधक, रेल ट्रैक उडा़ने की धमकी मामला आज भी पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। लगभग दो साल पहले कीडगंज इलाके में कोरियर बम से धमाके में दो लोग घायल हो गए थे। भदोही से भेजे गए कोरियर बमकांड की घटना पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर पाई है। सीओ बैरहना विनीत जासवाल का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। रंगदारी मांगने वाला बदमाश पकड़ा जाएगा।