हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए इलाहाबाद पहुंचे डीजीपी एके जैन शुक्रवार को घायल सिपाही अजय नागर को देखने जीवन ज्योति अस्पताल भी गए। उन्होंने इलाज के लिए सिपाही के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। यह रुपये जीवन रक्षा निधि से सौंपे गए। डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से भी घायल सिपाही को पांच लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी। उसकी हालत को लेकर भी उन्होंने अस्पताल के निदेशक डॉ. एके बंसल से बात की।
सिपाही अजय वकील की हत्या के बाद हुए बवाल में गोली लगने से घायल हुआ था। गोली उसके गले को चीरते हुए दिल के पास पहुंच गई है। अब तक आपरेशन कर गोली को निकाला नहीं जा सका है। डीजीपी ने चेक सिपाही के भाई अमिल और साले अरविंद को सौंपा। यह भी कहा कि अजय की रिपोर्ट एम्स भेजवाई जाएगी। विशेषज्ञों को इलाहाबाद बुलाने पर भी बात चल रही है। बेहतर से बेहतर इलाज सिपाही को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। इलाज का पूरा खर्च पुलिस वहन करेगी। प्रमुख सचिव देवाशीष पंडा के साथ डीजीपी स्टेट प्लेन से बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके साथ डीजी भर्ती बीके गुप्ता भी थे। एडीजी पीएचक्यू एसके माथुर, आईजी जोन बीबी शर्मा, डीआईजी भगवान स्वरूप, एसएसपी दीपक कुमार के साथ वह पहले पीएचक्यू पहुंचे। अस्पताल में घायल सिपाही को देखने के बाद वह हाईकोर्ट गए और पीएचक्यू में बैठक की। तीन बजे वह बमरौली के लिए रवाना हो गए।
कचहरी की सुरक्षा फिलहाल आरएएफ के ही हवाले रहेगी। मुख्य न्यायाधीश से भेंट के बाद डीजीपी ने कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, कचहरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरएएफ संभालेगी। इसके बाद सीआरपीएफ को सुरक्षा दी जाएगी। कचहरी में पीएसी की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्य को जल्द से जल्द बहाल कराने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।