कचहरी में वकील की हत्या के खिलाफ चल रहा वकीलों का आंदोलन शुक्रवार को फिर हिंसक हो गया। नारे लगाते हुए वकील एसएसपी दफ्तर की ओर बढ़े तो वहां इकट्ठा पुलिस वालों ने लाठी पटककर वकीलों को खदेड़ दिया। इस बीच पथराव भी किया गया। पत्थरबाजी में इंस्पेक्टर उमाशंकर शुक्ल समेत तीन सिपाही जख्मी हो गए तो पुलिस वालों ने लाठी पटककर उन्हें तितर-बितर किया। वकील कचहरी की ओर भागे लेकिन उनका आक्रोश बरकरार रहा। कचहरी में तकरीबन दो बजे तक तनाव की स्थिति रही।
एसएसपी आफिस के पास फिर से संघर्ष की नौबत शुक्रवार को दिन में 11 बजे शुरू हुई। कचहरी से जुलूस लेकर निकले वकील एसएसपी आफिस के पास तिराहे पर पहुंचकर सभा करने लगे। उनके आक्रामक तेवर को देखकर पीएसी के साथ ही दफ्तर की सुरक्षा में लगे सभी पुलिस तिराहे के करीब पहुंच गए। पुलिस के आगे बढ़ने के साथ ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। एसपी सिटी राजेश यादव के साथ ही इंस्पेक्टर उमाशंकर शुक्ला सबसे आगे खड़े थे।
एक पत्थर इंस्पेक्टर की हथेली पर लगा। खून निकलने पर पुलिस हरकत में आ गई। उसने लाठियां फटकार कर वकीलों को खदेड़ा। इस बीच आरएएफ भी आ गई। इंस्पेक्टर के साथ ही कई सिपाही भी मामूली रूप से चोटहिल हो गए। कई वकीलों को भी चोटें आईं। थोड़ी देर बाद पुलिस पीछे हटी तो वकीलों का हुजूम फिर कचहरी तिराहे पर पहुंचा लेकिन नारेबाजी कर लौट आया।