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इनामी बदमाश समेत दो लुटेरे दबोचे गए

Fri, 26 Dec 2014 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। मिर्जापुर और इलाहाबाद में लूटपाट की कई घटनाएं अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द बने दो बदमाश पकड़े गए। करछना थाने की पुलिस ने उन दोनों को क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार किया। उनमें एक बदमाश पर पांच हजार रुपये का इनाम रखा गया था। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने लूटी गई रकम, एक तमंचा, कारतूस और नशीला पाउडर बरामद किया है। उनके कई साथी पहले ही पकड़े जा चुके हैं।
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करछना थानाध्यक्ष दिनेश पांडेय ने मुखबिर की सूचना पर मंगलवार रात कटका रेलवे पुल के नीचे घेरकर दो बदमाशों को दबोच लिया। तलाशी में उनके कब्जे से 16 हजार रुपये, एक तमंचा, दो कारतूस, ढाई सौ ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ। पूछताछ में पता चला कि धरे गए बदमाशों में अंकित मिश्रा उर्फ दाउद कलिंजर गोपालपुर थाना कोईरौना जनपद भदोही और उसके ही गांव का अंशु मिश्रा है। वे चचेरे भाई हैं। एसओ दिनेश पांडेय ने बताया कि इन्हीं बदमाशों ने दो सितंबर की शाम करछना इलाके में मरदापुर गांव के पास मिर्जापुर हाइवे पर कीडगंज के सराफा कारोबारी भाइयों राजा केसरवानी और विष्णु केसरवानी से 25 किलो चांदी लूटी थी।

पुलिस ने उस घटना में पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया था लेकिन दाउद नामक अपराधी नहीं पकड़ में आ सका था। दाउद पर पांच हजार रुपये इनाम रखा गया था। उस लूट की योजना मनोज लाला और राजा पांडेय ने सोनू के साथ मिलकर तैयार की थी। सोनू के बारे में पता चला कि वह लूट के लिए चिन्हित शिकार की रेकी करने में माहिर है। वही गिरोह को बताता था कि किसे लूटा जा सकता है। यमुनापार इलाके में 16 अगस्त को जेपी सीमेंट के कर्मचारियों देवेंद्र राजपूत और इंद्रबहादुर को गोली मारकर 70 हजार रुपये भी इसी गैंग ने लूटे थे। इसी गिरोह ने मिर्जापुर में भी बैंक मैनेजर से बैग लूट लिया था।
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पुलिस ने बताया कि अंकित और अंशु नैनी में पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे थे लेकिन उन दोनों ने फीस की रकम खर्च कर दी। उसी दौरान उनकी मुलाकात करछना इलाके के अपराधी सोनू से हुई। सोनू ने उन दोनों को बरगलाया कि अगर वे लूट में उनके साथ रहें तो फीस भरने के अलावा मौजमस्ती के लिए भी पैसे मिल जाएंगे। इसी चक्कर में अंकित और अंशु साल भर पहले एक घटना में शामिल हुए और लुटेरे बन गए। 
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