फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवाद में भिड़े दो पक्ष, युवक की मौत

Sat, 10 Nov 2018 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
विज्ञापन
करेली के सैदपुर में शुक्रवार शाम आपसी विवाद में दो पक्ष भिड़ गए। इस दौरान एक पक्ष के तीन युवक घायल हो गए, जिनमें से एक की मौत हो गई। एक घायल एसआरएन जबकि दूसरे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसआरएन में परिजन शव लेकर जाने लगे, जिस पर पुलिसकर्मियों की उनसे नोकझोंक हुई। खबर लिखे जाने तक पुलिस जांच पड़ताल में जुटी थी।
विज्ञापन


राकेश भारतीय (30) पुत्र जगदीश सैदपुर गांव का रहने वाला था। वह बालू का काम करता था। अस्पताल में परिजनों ने बताया कि शनिवार शाम चचेरा भाई धर्मेंद्र (23) पुत्र रामचंदर ट्रांसफार्मर चौराहे के पास स्थित दुकान पर पान खाने गया था। इसी दौरान पड़ोस की पाल बस्ती में रहने वाले कुछ युवकों से उसका विवाद हो गया। युवकों ने उस पर हमला बोल दिया तो कुछ दूर पर मौजूद राकेश व नन्हका उर्फ प्रभात उसे बचाने दौड़े। इस पर हमलावर उन दोनों पर भी टूट पड़े। तब तक पाल बस्ती के कई युवक वहां आ चुके थे। सभी ने मिलकर लाठी-डंडों, ईंट और कट्टे की बट से तीनों को पीटकर मरणासन्न कर दिया। शोरगुल सुनकर राकेश के गांववाले और पाल बस्ती के सैकड़ों लोग जुट गए और इसके बाद दोनों ओर से जमकर लाठी डंडे चलने लगे। इसी दौरान सूचना मिली तो पुलिस पहुंच गई। घटना में राकेश गंभीर रूप से घायल हुआ था। उधर, धर्मेंद्र के सिर में चोट आई थी। दोनों को लेकर पुलिस एसआरएन अस्पताल पहुंची जहां राकेश को मृत घोषित कर दिया गया। घायल धर्मेंद्र की हालत नाजुक बनी हुई थी। एक अन्य घायल नन्हका का इलाज गौसनगर स्थित निजी अस्पताल में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद जुए के चलते हुआ। करेली पुलिस का कहना है कि फिलहाल तहरीर नहीं मिली है, घटना की जांच की जा रही है।  

राकेश की मौत के बाद शव कब्जे में लेने को लेकर पुलिस को खासा मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मृत घोषित किए जाने के बाद परिवारवाले शव लेकर घर जाने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो परिजन उनसे ही भिड़े गए। इस पर कोतवाली व जार्जटाउन की फोर्स भी बुला ली गई। इस दौरान कुछ युवकों ने शव बाइक पर रख लिया। हालांकि वह शव ले जा पाते, इससे पहले ही वहां फोर्स पहुंच गई। जिसके बाद किसी तरह शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
विज्ञापन


राकेश की मौत से उसके परिवार में कोहराम है। तीन साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसके दो साल का बेटा आयुष है। अस्पताल में राकेश की चाची व अन्य परिजन फूट-फूटकर रोते रहे। वह छह भाइयों में दूसरे नंबर का था। अस्पताल में मौजूद अन्य भाई भी सदमे में रहे। वह कुछ बता पाने की स्थिति में भी नहीं थे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें