फूलपुर में भाजपा नेता पवन केसरी हत्याकांड में फूलपुर के ही सिराज अहमद उर्फ सोनू और परवेज आलम को नामजद किया गया है। इसके अलावा दो अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पवन के भाई के मुताबिक दोनों ने राजनीतिक रंजिश में हत्या कराई है। अब तक की जांच में भाड़े के शार्प शूटरों से हत्या कराने का पता चला है। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में प्रतापगढ़ और सोनभद्र समेत कई जगह दबिश दे रही हैं। दोनों नामजद आरोपियों के अलावा चार अन्य को भी हिरासत में लिया गया है।
फूलपुर के भाजपा सभासद पवन केसरी की मंगलवार रात उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे अपने दोस्त आरिफ के साथ एक ढाबे में खाना खाकर घर लौट रहे थे। पवन डिप्टी सीएम केशव मौर्या और मंत्री नंदी के काफी करीबी थे। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पवन के भाई ने तहरीर दी कि जिसके मुताबिक फूलपुर कर्नलगंज के सिराज अहमद उर्फ सोनू और इस्माइलगंज के परवेज आलम ने हत्या कराई है। उनके साथ दो लोग और थे, जिन्हें वह नहीं जानते। पुलिस ने तुरंत सिराज अहमद और परवेज को उनके घरों से पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। पवन के दोस्त आरिफ समेत चार और लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। दोनों को कैंट थाने में लाकर पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी आकाश कुलहरि का कहना है कि हत्याकांड में भाड़े के शूटरों को बुलाया गया था। हत्या का मोटिव साफ है। दो साल पहले सोनू के भाई शहजादे ने फूलपुर में मनोज तिवारी को गोली मारी थी। पवन ने मनोज की तरफ से काफी पैरवी की थी। प्रदर्शन के दौरान शहजादे के घर में भीड़ ने आग भी लगा दी थी। बाद में जब शहजादे की हत्या हुई तो मनोज तिवारी को नामजद कराया गया था। उनकी दुश्मनी तबसे ही चल रही है। अभी कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर पवन थाने गए थे। वहां पर परवेज आलम से काफी कहासुनी हुई थी। परवेज ने पुलिस के सामने पवन को धमकी दी थी। अब सिर्फ शार्प शूटरों को खोजना है। पुलिस की टीमें प्रतापगढ़ और सोनभद्र गई हैं। जल्द ही शूटरों को ढूंढ निकाला जाएगा।