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व्यापारियों ने कहा, सपा नेता ने दी है बदमाशों को पनाह

Fri, 03 Jul 2015 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। जूतों के पैसों के झगड़े में मुंडेरा बाजार में दुकान के भीतर सगे भाइयों आकाशदीप केसरवानी और आशीष को गोली मारने घटना से नाराज व्यापारियों का गुस्सा अब आकाशदीप की मौत के बाद उबाल पर आ गया है। स्थानीय निवासियों के साथ ही कारोबारी नेताओं की अफसरों से झड़प भी हुई कि गुंडे सरेराह पिस्टल सटाकर लूटपाट करते हैं और दुकान में घुसकर गोलियां मारते हैं मगर क्राइम ब्रांच और थानों की पुलिस चार रोज बाद भी उन्हें पकड़ने में नाकाम है। चक्काजाम के दौरान लोगों ने बार-बार कहा कि इलाके में रहने वाला एक सपा नेता गुंडे-बदमाशों का मददगार है। उसकी ही शह पर दोनों बदमाशों ने ये वारदात की। अब उन दोनों को सपा नेता ने ही पनाह दे रखी है इसलिए पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है।
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जूता कारोबारी आकाशदीप का शव बृहस्पतिवार शाम सुलेमसराय पहुंचने पर हुए चक्काजाम में मौजूद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बार-बार कहा कि इलाके का एक सपा नेता ही बदमाशों का मददगार है। उसकी शह पर बदमाश मुंडेरा बाजार और मंडी में कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी उगाही करते हैं। गोली मारने वाले बदमाश गोदऊ पासी और रजनीश हेला पर भी इसी नेता का हाथ है। पिछले साल गोदऊ के भाई 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश हरिश्चंद्र पासी को भी इसी सपा नेता ने सेटिंग के चलते पुलिस के सामने हाजिर कराया था। लोगों ने तो कहा कि ये गुंडे उसी नेता के घर में पनाह लिए हुए हैं इसलिए पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पा रही है। सुलेमसराय में मौजूद व्यापारी नेताओं सुभाष केसरवानी, धनंजय सिंह, विजय अरोड़ा, सुहैल अहमद आदि ने कहा कि कातिल बदमाशों को जब सत्ताधारी नेता ही बचाएंगे तो जनता की जान खतरे में ही रहेगी।

निजी हॉस्पिटल में तीन दिन तक इलाज के बाद दम तोड़ने वाले जूता कारोबारी आकाशदीप उर्फ दीपू के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को शरीर में दो गोलियां फंसी मिलीं। एक गोली कमर के पास और दूसरी जांघ में। दीपू ने सोमवार रात दुुकान में नौ जोड़ी जूते पसंद करने के बाद 36 हजार रुपये चुकता करने की बजाय झगड़ने वाले एक बदमाश को दबोच लिया था। दीपू का साहस देख घबराए बदमाश ने उन पर पिस्टल से फायर किए। छोटे भाई आशीष को भी गोलियां मारीं। इसी झड़प के दौरान आशीष की पत्नी रुचि भी आकर भिड़ गईं। एक पिस्टल गिरने के बाद घबराए बदमाश बाइक पर भाग गए। कमर के पास धंसी गोली ने आकाशदीप के अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचाया।
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सुलेमसराय में जूता कारोबारी आकाशदीप का शव रखकर चक्काजाम के दौरान लोगों ने धूमनगंज के थानाध्यक्ष को हटाने की मांग के साथ ही ‘सिंघम’ यानी यहां एसओ रहे ज्ञानेंद्र सिंह की तैनाती की मांग कर दी। लोगों ने नारा लगाते हुए कहा कि ‘सिंघम’ को लाओ तो बदमाश भाग जाएंगे। इस बारे में एसपी सिटी और एडीएम से भी कहा गया। एसपी सिटी ने कहा कि यह फैसला एसएसपी साहब ले सकते हैं। उल्लेखनीय है कि ज्ञानेंद्र सिंह दो बार धूमगनगंज एसओ रह चुके हैं। पिछली बार उन्हें एसओ बनाया गया तो छह घंटे बाद ही हटा दिया गया। वजह ये कि ज्ञानेंद्र ने चार्ज लेने के दो घंटे के भीतर ही बमरौली में छापा मारकर प्रधान को अवैध असलहे के साथ दबोचा तो सपा नेता भड़क गए।

मुंडेरा स्थित दुकान में सोमवार रात बदमाशों की गोली का शिकार हुए आकाशदीप की तो जान चली गई लेकिन उनके छोटे भाई आशीष की हालत में अब सुधार है। उनका निजी हॉस्पिटल में इलाज हो रहा है। पांच भाइयों में आशीष सबसे छोटे हैं जबकि आकाशदीप चौथे नंबर पर थे। वह अविवाहित थे। घायल आशीष की पत्नी रुचि और दो बच्चे हैं। आकाश और आशीष एक साथ जूते की दुकान चला रहे थे। सबसे बड़े भाई अतुल केसरवानी की सुलेमसराय में लक्ष्मी चश्म हाउस है। उनसे छोटे अखिलेश और आलोक की रेडीमेड गारमेंट्स, मेडिकल स्टोर और जूतों की दुकान है। उनकी मां का करीब एक दशक पहले देहांत हो गया था। पिता गुलाबचंद्र केसरवानी इस घटना से बेहद दुखी और सदमे में हैं।

सुलेमसराय में जीटी रोड पर व्यापारियों के चक्काजाम की वजह से पुलिस ने धूमनगंज थाने और पानी टंकी चौराहा से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया था। बमरौली और कौशाम्बी की तरफ जाने और उधर से शहर को आने वाली गाड़ियों को पानी टंकी चौराहा से लीडर रोड रेलवे पुल, लूकरगंज, चकिया, राजरूपपुर, झलवा के रास्ते धूमनगंज थाने के सामने रोड पर भेजा गया। उधर से भी इसी रूट से गाड़ियां शहर की तरफ आईं।
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