इलाहाबाद। जूतों के पैसों के झगड़े में मुंडेरा बाजार में दुकान के भीतर सगे भाइयों आकाशदीप केसरवानी और आशीष को गोली मारने की घटना से नाराज व्यापारियों का गुस्सा बृहस्पतिवार को आकाशदीप की मौत के बाद उबाल पर आ गया। भारी गम और गुस्से के बीच कई घंटे तक सुलेमसराय में कोहराम मचा रहा। लोगों में गोली मारने वाले बदमाशों के साथ ही पुलिस और एक सपा नेता के खिलाफ भारी आक्रोश था। स्थानीय निवासियों के साथ ही कारोबारी नेताओं की अफसरों से झड़प भी हुई कि गुंडे सरेराह पिस्टल सटाकर लूटपाट करते हैं। दुकान में घुसकर गोलियां मारते हैं मगर क्राइम ब्रांच और थानों की पुलिस चार रोज बाद भी उन्हें पकड़ने में नाकाम है। चक्काजाम के दौरान लोगों ने बार-बार कहा कि इलाके में रहने वाला एक सपा नेता गुंडे-बदमाशों का मददगार है। उसकी ही शह पर दोनों बदमाशों ने ये वारदात की। अब उन दोनों को सपा नेता ने ही पनाह दे रखी है इसलिए पुलिस भी कुछ नहीं कर पा रही है।
जूता कारोबारी आकाशदीप का शव बृहस्पतिवार शाम सुलेमसराय पहुंचने से पहले ही लोग जगह-जगह हुजूम में खड़े होकर इस घटना पर अपना गम और गुससा जाहिर कर रहे थे। शव आने पर नाराज लोगों ने चक्काजाम कर दिया। अर्थी उठाकर जुलूस भी निकाला। जाम लगाने वाले स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बार-बार कहा कि इलाके का एक सपा नेता ही बदमाशों का मददगार है। उसकी शह पर बदमाश मुंडेरा बाजार और मंडी में कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी उगाही करते हैं। गोली मारने वाले बदमाश गोदऊ पासी और रजनीश हेला पर भी इसी नेता का हाथ है।
पिछले साल गोदऊ के भाई 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश हरिश्चंद्र पासी को भी इसी सपा नेता ने सेटिंग के चलते पुलिस के सामने हाजिर कराया था। लोगों ने तो कहा कि ये गुंडे उसी नेता के घर में पनाह लिए हुए हैं इसलिए पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पा रही है। सुलेमसराय में मौजूद व्यापारी नेताओं सुभाष केसरवानी, धनंजय सिंह, विजय अरोड़ा, सुहैल अहमद आदि ने कहा कि कातिल बदमाशों को जब सत्ताधारी नेता ही बचाएंगे तो जनता की जान खतरे में ही रहेगी।